इबोला के प्रकोप को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निगरानी के उपाय शुरू किए
माधव
- 18 May 2026, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा के कुछ हिस्सों में हाल में हुए इबोला के प्रकोप के मद्देनजर भारत में एहतियात के तौर पर प्रवेश स्थानों पर तथा पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों सहित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की है और एहतियाती जन स्वास्थ्य उपाय शुरू किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन से होने वाले इबोला का कोई मामला भारत में सामने नहीं आया है और देश के लिए वर्तमान जोखिम न्यूनतम है।
अधिकारी ने बताया कि हालांकि, एहतियात के तौर पर, प्रवेश स्थानों पर और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की शीघ्र पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, प्रमुख उपायों में जांच, निगरानी, और रोग प्रबंधन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की समीक्षा करना शामिल है, साथ ही प्रयोगशालाओं की तैयारी को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) को जांच के लिए नामित किया गया है और अन्य प्रयोगशालाओं को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा की निगरानी के लिए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारी देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर भी एहतियाती उपाय कर रहे हैं।
मंत्रालय ने लोगों और मीडिया से आग्रह किया है कि वे घबराहट न फैलाएं और अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करें। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली सतर्क है और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नागरिकों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी आधिकारिक परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है।
सूत्र ने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेगी और जन स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी।
भाषा सुभाष माधव
माधव
1805 2128 दिल्ली