भाजपा सांसद ने लालढांग-चिल्लरखाल सड़क पर वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की अनुमति का आग्रह किया
माधव
- 18 May 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद अनिल बलूनी ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गोयल से सोमवार को मुलाकात की और उनसे लोगों को राहत देने के लिए उत्तराखंड के लालढांग-चिल्लरखाल सड़क पर वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की अनुमति देने की सिफारिश पर विचार करने का आग्रह किया।
शीर्ष अदालत ने फरवरी में अपने पहले के स्थगन आदेश में संशोधन किया और उत्तराखंड में 11.5 किलोमीटर लंबी लालढांग-चिल्लरखाल सड़क के निर्माण की अनुमति दी, जिससे राज्य के 18 दूरस्थ गांवों के हजारों लोगों को लाभ होगा।
हालांकि, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने उस सड़क पर वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसमें चमारिया मोड़ से सिग्गाड़ी सोट क्षेत्र तक का 4.5 किलोमीटर का पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील खंड शामिल है। यह जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य और राजाजी बाघ अभयारण्य को जोड़ने वाला एकमात्र कार्यात्मक वन्यजीव गलियारा है।
इस मामले में हस्तक्षेपकर्ता रहे बलूनी ने कहा कि उन्होंने सीईसी के अध्यक्ष को बताया कि इस सड़क पर वाणिज्यिक वाहनों के चलने की अनुमति देने से अदालत के इनकार का लोगों के जीवन पर किस प्रकार प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
गढ़वाल सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता ने कहा, ''कोटद्वार और उसके आसपास के अधिकतर निवासी देहरादून और हरिद्वार आने-जाने के लिए मिनी बस, टैक्सी, मैक्स वाहनों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर हैं। यह मार्ग स्थानीय आबादी के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बाजारों, रोजगार और दैनिक आवश्यकताओं तक पहुंच प्रदान करता है।''
उन्होंने मुलाकात के बाद एक बयान में कहा, ''मैंने (समिति के अध्यक्ष से) आग्रह किया कि स्थानीय जनता की व्यावहारिक कठिनाइयों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर संवेदनशीलता और नरमी से विचार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और उनका दैनिक जीवन अप्रभावित रहे।''
बलूनी ने कहा, ''स्थानीय निवासियों की चिंताओं और जनहित के पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गोयल ने आश्वासन दिया कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति जल्द ही (इस मामले में) सकारात्मक निर्णय की सिफारिश करेगी।''
भाषा यासिर माधव
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