पुलिसकर्मियों पर हमलों को कतई सहन नहीं किया जायेगा: पार्क सर्कस में हिंसा पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा
माधव
- 18 May 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
(फोटो के साथ)
कोलकाता, 18 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो ''मुझसे बुरा कोई नहीं होगा''।
कोलकाता के तिलजला में हाल में हुई 'बुलडोजर कार्रवाई' के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया था। मुस्लिम बहुल पार्क सर्कस क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया था, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गये थे और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था।
जम्मू-कश्मीर से तुलना करते हुए, जहां पथराव की घटनाएं बंद हो चुकी है, अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ''संस्कृति'' जारी नहीं रहेगी।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) के कार्यालय का दौरा करने और पुलिस अधिकारियों और घायल कर्मियों से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति के प्रति कड़ा रुख अपनाया।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हिंसा में छह पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवान घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच की निगरानी सीधे पुलिस आयुक्त द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा, ''मैं स्पष्ट संदेश दे रहा हूं कि इस तरह की अशांति, गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी, समाजविरोधी गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे।''
शुभेंदु अधिकारी ने घायल कर्मियों से मुलाकात की और मीडिया के सामने उनके नाम पढ़े। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों के आचरण की प्रशंसा की और कहा कि भीड़ द्वारा उकसाये जाने के बावजूद उन्होंने संयम बरता।
उन्होंने कहा, ''मैं घायल पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ जवानों का हालचाल जानने के लिए आया हूं। कल, हमारे सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखी, एक बड़ी घटना को टाला और लोगों की सुरक्षा की। मैं यहां उन्हें यह बताने आया हूं कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।''
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रशासन पर निशाना साधते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे दिन बीत चुके हैं जब ''पुलिसकर्मी घायल हो जाते थे जबकि मंत्री वातानुकूलित कमरे में बैठे रहते थे''।
शुभेंदु अधिकारी के पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है।
पुलिस बल को राजनीतिक समर्थन का आश्वासन देने का प्रयास करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत निडर होकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''मैंने उनसे कहा है कि उनका गृह मंत्री और मुख्यमंत्री उनके साथ हैं। पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में पूरा विभाग उनके साथ खड़ा है। आप सभी ने अच्छा काम किया है।''
उन्होंने कहा, ''यह मत सोचिए कि पुराने नियम अब भी लागू होते हैं। अगर कोई यह मानता है कि पुलिस बल बंधे हाथों और पैरों के साथ काम करता रहेगा, तो वे गलत हैं।''
विरोध प्रदर्शनों के दौरान पथराव के आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कश्मीर से तुलना की और कहा कि राज्य में ऐसी घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''राजनीतिक और धार्मिक संगठन पुलिस को सूचित करने के बाद कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। लेकिन लोगों को इकट्ठा करना, धार्मिक नारेबाजी करना और पत्थर फेंकने की घटनाएं जारी नहीं रह सकतीं। श्रीनगर और कश्मीर में पुलिस पर पत्थर फेंकना अब बंद हो गया है; मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी यह बंद हो जायेगा।''
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''लेकिन ऐसी स्थिति जहां लोग धार्मिक नारेबाजी करते हुए अचानक पथराव करने लगें, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद कश्मीर में पथराव की घटनाएं बंद हो गई थी। मेरा मानना है कि अब कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में पथराव की घटनाओं को पूरी तरह से रोकने का समय आ गया है।''
रविवार की हिंसा को ''सुनियोजित'' बताते हुए, अधिकारी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पोस्ट से पूर्व-नियोजित गतिविधियों का संकेत मिलता है और इसमें शामिल लोगों को ऐसी घटनाओं को दोहराने के खिलाफ चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से अपील करता हूं – ऐसी घटनाओं को न दोहराएं। ध्यान से सुनें, यह पहली और आखिरी घटना होनी चाहिए। हम ऐसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे।''
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''इसे आखिरी चेतावनी समझें। अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।''
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी और अधिकारी दोषियों को सजा मिलने तक मामलों की निगरानी करेंगे।
उन्होंने कहा, "अगर किसी पुलिसकर्मी को छुआ गया तो यह सरकार कानून का पूरा इस्तेमाल करेगी। हमारी जिम्मेदारी सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। हम दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे।''
निष्पक्षता का संदेश देने के उद्देश्य से शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को राजनीतिक संबद्धता, धर्म, सामुदायिक पहचान या प्रभाव पर विचार किए बिना कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''पुलिस को कार्रवाई करने से पहले पांच बार सोचने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। यह मत सोचो कि कौन किस पार्टी, धर्म या समुदाय से संबंधित है। कानून के अनुसार कार्रवाई करो।''
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भय के बजाय विश्वास के माध्यम से शासन पर जोर दिये जाने की बात का हवाला देते हुए, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस को आत्मविश्वास के साथ काम करना चाहिए और उन्होंने समर्थन का वादा किया।
मुख्यमंत्री ने छह महीने के भीतर बल के आधुनिकीकरण और साजोसामान संबंधी सहायता की भी घोषणा की और कहा कि वह केंद्र से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियों को कुछ और समय के लिए बनाए रखने का आग्रह करेंगे।
उन्होंने कहा, "हम कोलकाता पुलिस की प्रतिष्ठा को बहाल करेंगे। पिछली सरकार के शासनकाल में कोलकाता पुलिस निष्क्रिय हो गई थी। हम केंद्र से अनुरोध करेंगे कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक केंद्रीय बलों की मौजूदगी बनाए रखी जाए।''
सड़क पर टकराव के बजाय कानूनी समाधान की अपील करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों को प्रशासनिक तरीकों के जरिये उठाया जाना चाहिए।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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