पश्चिम बंगाल: ईडी ने सोना पप्पू, कोलकाता के पूर्व पुलिस उपायुक्त के खिलाफ नए सिरे से छापेमारी की
वैभव
- 22 May 2026, 12:15 PM
- Updated: 12:15 PM
कोलकाता, 22 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता पुलिस के पूर्व अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास और कथित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से जुड़े धन शोधन मामले में शुक्रवार को राज्य में कई परिसरों पर नए सिरे से छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बिस्वास और पोद्दार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि कोलकाता के कस्बा, चक्रबेरिया और रॉयड स्ट्रीट इलाकों के साथ-साथ मुर्शिदाबाद के कंडी में बिस्वास के पैतृक आवास सहित कुल नौ परिसरों पर छापेमारी की जा रही है।
जिन परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है उनमें मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू, बिस्वास के रिश्तेदार सौरभ अधिकारी और उसके एक ''करीबी सहयोगी'' रुहिल अमीन अली (जो कोलकाता पुलिस में उप निरीक्षक हैं) के परिसर भी शामिल हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि सोना पप्पू और बिस्वास से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर नए सिरे से छापेमारी शुरू की गई। दोनों इस समय ईडी की हिरासत में हैं।
उन्होंने कहा, ''अवैध भूमि सौदों और वित्तीय लेन-देन में कथित रूप से सहायता करने वाले व्यक्तियों से जुड़े कई परिसरों की तलाशी ली जा रही है। दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय अभिलेखों की जांच की जा रही है।''
अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कोलकाता के चक्रबेरिया इलाके में ईडी के अधिकारियों ने एक व्यवसायी के आवास की तलाशी ली। माना जाता है कि व्यवसायी पोद्दार के करीबी हैं। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी जबरन भूमि अधिग्रहण और अवैध वित्तीय लेनदेन में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ईडी की एक टीम ने रॉयड स्ट्रीट इलाके के एक होटल के प्रबंधक से पूछताछ के बाद उसकी तलाशी ली। होटल के मालिक को भी जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है।
ईडी के अधिकारियों ने कस्बा में कोलकाता पुलिस के एसआई रुहिल अमीन अली के आवास पर छापा मारा जो एक पुलिस कल्याण समिति के पूर्व पदाधिकारी हैं।
ईडी अधिकारी ने बताया कि अली कथित तौर पर बिस्वास की पत्नी से जुड़े व्यावसायिक उद्यमों में शामिल थे।
उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या कथित भूमि संबंधी अनियमितताओं में पुलिस अधिकारी की कोई भूमिका थी।
मुर्शिदाबाद जिले के कंडी नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ में स्थित बिस्वास के पैतृक घर पर छापेमारी जारी थी। बताया जाता है कि इस घर में उनकी बहन गौरी सिन्हा बिस्वास रहती हैं, जो नगरपालिका की उपाध्यक्ष भी हैं।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि घर लगभग एक सप्ताह से बंद था।
ईडी के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और छापेमारी शुरू की।
पोद्दार को पूछताछ के बाद 18 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया। बिस्वास को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था और इस मामले में एजेंसी ने अप्रैल में स्थानीय व्यवसायी जॉय एस कामदार को भी गिरफ्तार किया था।
ईडी ने पहले कहा था कि पोद्दार का आपराधिक रिकॉर्ड है और पश्चिम बंगाल में जमीन हड़पने से जुड़े मामलों में वह और उसके साथी वांछित हैं।
पोद्दार का नाम पहली बार 2015 में बालीगंज रेलवे यार्ड में हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में सामने आया था। जांच अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद पोद्दार के खिलाफ कई आपराधिक आरोप सामने आए जिनमें 2017 का हत्या का एक मामला और 2021 में प्रेसिडेंसी जेल के बाहर प्रतिद्वंद्वी मुन्ना पांडे पर कथित हमला शामिल है।
भाषा सुरभि वैभव
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