तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद भीषण गर्मी का दौर जारी, अरुणाचल में अचानक बाढ़ आई
नेत्रपाल
- 22 May 2026, 11:05 PM
- Updated: 11:05 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और कई स्थानों पर पारा 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ से नुकसान की खबर है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चलीं और कुल्लू जिले में रोहतांग दर्रे तथा आसपास के इलाकों में दिन के दौरान ताजा बर्फबारी हुई जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। शहर के मौसम केंद्र सफदरजंग में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक और पिछले दिन की तुलना में 0.3 डिग्री कम था। सफदरजंग वेधशाला में दर्ज आंकड़ों को शहर का मानक माना जाता है।
निजी मौसम पूर्वानुमान सेवा स्काईमेट वेदर के महेश पलावत ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जून की शुरुआत से मानसून पूर्व की गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
पंजाब में भीषण गर्मी से निवासियों को थोड़ी राहत मिली है, क्योंकि कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।
फगवाड़ा और होशियारपुर जैसे इलाकों में सुबह हल्की बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली। जालंधर और पठानकोट में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अमृतसर में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।
बठिंडा में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बृहस्पतिवार को दर्ज 45.6 डिग्री सेल्सियस से कम है।
पंजाब सरकार ने भीषण गर्मी के मद्देनजर सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और महाविद्यालयों के कार्य समय में संशोधन करते हुए इसे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बजाय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कर दिया है।
हरियाणा के अधिकतर इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। रोहतक राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया , जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। हिसार में 43.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 39.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
राजस्थान का चित्तौड़गढ़ शुक्रवार को राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फलौदी, बीकानेर और चूरू में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।
मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण, शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अगले 48 घंटों में कुछ क्षेत्रों में तापमान 1-2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है और यह बदलाव 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूल भरी तेज हवाएं के कारण आएगा।
राजस्थान में 24 मई से तापमान में फिर से तामपान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार है और राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश में बांदा सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद प्रयागराज में अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
झांसी और औरई में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिन के समय कुछ स्थानों पर लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति बन सकती है। राज्य के कुछ स्थानों पर रात में भी गर्मी रहने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि सप्ताह के दौरान अन्य जगहों पर कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण पुल बह गए, घरों को नुकसान पहुंचा और कई गांवों में संपर्क बाधित हो गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एक परामर्श जारी कर लोगों से नदियों में मछली पकड़ने या अन्य गतिविधियों के लिए जाने से बचने की अपील की है, क्योंकि आगे और बारिश का अनुमान जताया गया है।
अधिकारियों के अनुसार बह गए पुलों में निंगपिंग गांव के पास न्यो कोरो स्थित आरसीसी पुल और गीबा मुख्यालय को लॉन्गटे गांव से जोड़ने वाला एक अन्य पुल भी शामिल है।
निंगपिंग गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण सात कच्चे मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कृषि भूमि, पशुधन और अन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
इस बीच, यहां के मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को ऊपरी सुबनसिरी, कमले, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, निचला सुबनसिरी, सियांग बेल्ट और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आईएमडी के मुताबिक, केरल के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, और एक जिले में 'ऑरेंज' अलर्ट और छह अन्य जिलों में 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी ने तटीय जिले अलाप्पुझा में 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की जिलों में 'येलो' अलर्ट जारी किया है।
'ऑरेंज' अलर्ट का मतलब 11 सेंटीमीटर (सेमी) से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 'येलो' अलर्ट का मतलब छह सेमी से 11 सेमी के बीच भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा आईएमडी ने 27 मई तक केरल के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और भारी बारिश के साथ-साथ गरज और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
इसके अलावा, 28 मई से तीन जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है।
आईएमडी ने कहा है कि भारी बारिश के परिणामस्वरूप, राज्य के विभिन्न हिस्सों में मध्यम दर्जे की बाढ़, सड़कों पर जलभराव, शहरी क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव, प्रमुख शहरों में यातायात में व्यवधान की घटनाएं आदि होने की संभावना है।
तमिलनाडु में 15 से अधिक जिलों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया। इनमें से राज्य की राजधानी चेन्नई में सबसे अधिक 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में लू चलने की स्थिति बन सकती है, लेकिन शनिवार को कुछ छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के बाद भीषण गर्मी से राहत मिली जबकि कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ताजा बर्फबारी हुई।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को पांच जिलों - चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ताजा बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने बताया कि बारिश और बर्फबारी 25 मई तक जारी रह सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आने की संभावना है और उसके बाद तापमान में कुछ वृद्धि हो सकती है।
आईएमडी के मुताबिक, शनिवार को उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हो सकती है।
आईएमडी के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। शेष पहाड़ी जिलों में छिटपुट स्थानों पर बहुत हल्की से मध्यम बारिश होगी।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मैदानी जिलों में शुष्क मौसम का पूर्वानुमान लगाया है। शुक्रवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में 26 मई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि दक्षिणी क्षेत्र के कई जिलों में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है। बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया और पश्चिम बर्धमान सहित कुछ दक्षिणी जिलों में 27 मई तक आकशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने कहा कि अनुकूल स्थितियों और बंगाल की खाड़ी से आने वाली भारी नमी को देखते हुए, उत्तरी बंगाल में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान आने के आसार है।
इसके मुताबिक, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालीमपोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूच बिहार और उत्तर दिनाजपुर जिलों में 26 मई तक भारी बारिश की संभावना है, जिसमें एक या दो स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने शुक्रवार को अपने बुलेटिन में कहा कि अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
बुलेटिन में कहा गया कि 22 से 28 मई तक उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने के आसार है।
आईएमडी ने बताया कि 22 से 28 मई तक पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की प्रबल आशंका है।
बुलेटिन के मुताबिक, ''राजस्थान के कुछ अलग-अलग इलाकों में 22 से 28 मई के दौरान लू चलने की प्रबल आशंका है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ अलग-अलग इलाकों में 24 से 28 मई के दौरान भीषण लू के आसार है।''
विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 22 मई से 28 मई के बीच अलग-अलग तारीखों पर लू या भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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