ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से महंगाई बढ़ सकती है: कश्मीर घाटी के निवासियों ने कहा
नेत्रपाल
- 23 May 2026, 09:01 PM
- Updated: 09:01 PM
श्रीनगर, 23 मई (भाषा) कश्मीर घाटी के निवासियों ने पिछले 10 दिन में ईंधन की कीमतों में कई बार हुई बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इससे महंगाई बढ़ेगी जिसके परिणामस्वरूप अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी आनुपातिक वृद्धि होगी।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिन से भी कम समय में शनिवार को तीसरी बार बढ़ोतरी की गई। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे लीटर जबकि डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। ताजा बढ़ोतरी के बाद 10 दिन के भीतर पेट्रोल एवं डीजल के दाम देशभर में लगभग पांच रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
श्रीनगर निवासी ओवैस अहमद ने कहा, ''पिछले 10 दिन में यह तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। वे धीरे-धीरे कीमतें बढ़ा रहे हैं। लोगों की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है तथा ईंधन की बढ़ती कीमतें इसे और भी बदतर बना देंगी।''
उन्होंने कहा कि हालांकि कीमतों में वृद्धि पश्चिम एशिया संकट का नतीजा है, लेकिन सरकार को इसका बोझ आम लोगों पर नहीं डालना चाहिए।
ओवैस ने सवाल किया, ''सरकार को लोगों पर बोझ कम करने के लिए करों में कटौती करनी चाहिए। अन्यथा आम आदमी का गुजारा कैसे होगा?''
वहीं, मेहराज अहमद ने आशंका व्यक्त की कि संकट के लंबा चलने के साथ ही ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, ''सरकार नियमित रूप से कीमतें बढ़ाएगी और इससे हमारी जेब खाली हो जाएंगी। इससे रोजाना का सफर महंगा हो जायेगा।''
स्थानीय लोगों ने कहा कि महंगाई पहले से ही बहुत अधिक है तथा ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और भी अधिक बढ़ोतरी होगी।
स्थानीय निवासी इरफान नजीर ने कहा, ''इस वृद्धि से घरेलू बजट और बिगड़ जाएगा। इससे हालात और भी मुश्किल हो जाएंगे।''
उन्होंने कहा कि निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों को महंगाई का सबसे ज्यादा असर महसूस होगा।
कई यात्रियों ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करना बेहतर है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद शाहनवाज ने कहा, ''किराया बढ़ने से दैनिक यात्रा महंगी हो जाएगी। गरीब लोग, मध्यमवर्गीय परिवार और सीमित बजट वाले छात्र इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मुझे लगता है कि महंगाई के प्रत्यक्ष प्रभाव को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।''
भाषा
देवेंद्र नेत्रपाल
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