जिमखाना क्लब को खाली करने के लिये नोटिस के बीच एक नजर दिल्ली के प्रमुख क्लबों पर
पवनेश
- 23 May 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) ब्रिटिश काल से चले आ रहे कई प्रतिष्ठित क्लबों और संस्थानों का घर, दिल्ली की क्लब संस्कृति एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि केंद्र ने रक्षा और सुरक्षा संबंधी उद्देश्यों के लिए लुटियंस दिल्ली स्थित ऐतिहासिक जिमखाना क्लब को पांच जून तक अपना परिसर खाली करने का निर्देश दिया है।
मूल रूप से तीन जुलाई, 1913 को इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब के रूप में स्थापित, इस संस्था की स्थापना औपनिवेशिक प्रशासकों और सैन्य अधिकारियों की सेवा के लिए की गई थी।
भारत को 1947 में आजादी मिलने के बाद 'इंपीरियल' शब्द हटा दिया गया था, जबकि 2, सफदरजंग रोड पर मौजूदा संरचनाओं का निर्माण 1930 के दशक में किया गया था।
यहां दिल्ली के कुछ प्रमुख विरासत क्लबों और संस्थानों की सूची दी गई है, जो मिलकर राजधानी के बहुआयामी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक इतिहास को दर्शाते हैं-
दिल्ली गोल्फ क्लब
ब्रिटिश प्रशासन द्वारा इसकी स्थापना 1930 के दशक में लोकसेवकों और अधिकारियों के मनोरंजन के लिये की गयी।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया
दिल्ली के मध्य में संसद भवन के पास प्रसिद्ध संपादक दुर्गा दास द्वारा 1957 में स्थापित। यह देश में पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के लिए अग्रणी मंचों में से एक है।
चेम्सफोर्ड क्लब
मूलतः 1917-1918 में भारत के तत्कालीन वायसराय चेम्सफोर्ड के नाम पर स्थापित। 1928 में स्थायी रूप से रायसीना रोड पर स्थानांतरित किया गया।
रोशनआरा क्लब
दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर के पास स्थित ऐतिहासिक रोशनआरा बाग में 15 अगस्त, 1922 को स्थापित। भारत में क्रिकेट प्रशासन के प्रारंभिक विकास से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ।
भारत पर्यावास केंद्र
एक बहुउद्देशीय सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में 1993 में स्थापित। प्रसिद्ध वास्तुकार जोसेफ एलन स्टीन द्वारा इसे डिजाइन किया गया।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया
संसद भवन के पास स्थित यह क्लब फरवरी 1947 में स्थापित किया गया। मूल रूप से संविधान सभा के सदस्यों के लिए एक सामाजिक स्थल के रूप में परिकल्पित। यह वर्तमान और पूर्व सांसदों के लिए एक संपर्क और नेटवर्किंग केंद्र के रूप में कार्य करता है।
इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर
भारत की मिश्रित संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए 1980 के दशक में मध्य दिल्ली के लोधी रोड पर स्थापित। यह एक सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहां संगोष्ठी, साहित्यिक कार्यक्रम और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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