त्विषा शर्मा मामला : दूसरे पोस्टमार्टम से पहले पीड़ित परिवार ने पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठाए
गोला
- 23 May 2026, 10:59 PM
- Updated: 10:59 PM
(तस्वीरों के साथ)
भोपाल, 23 मई (भाषा) पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने शनिवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड को पत्र लिखकर उनकी बेटी के दूसरे पोस्टमार्टम से पूर्व उसके पहले पोस्टमार्टम को लेकर कई सवाल उठाए।
त्विषा के परिवार ने बोर्ड से अनुरोध किया कि वह स्वतंत्र रूप से मामले की जांच करे तथा फॉरेंसिक, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल तरीकों को शामिल करते हुए बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाए। परिवार का कहना है कि पहले पोस्टमार्टम के दौरान कई पहलुओं की पर्याप्त जांच नहीं की गई।
परिवार ने कहा कि यह पत्र बोर्ड को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि उन चिंताओं से अवगत कराने के लिए है जिनके कारण दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की गई।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर एम्स दिल्ली ने चार वरिष्ठ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित किया है, जो त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा। कथित तौर पर दहेज प्रताड़ना के कारण 12 मई को भोपाल में त्विषा की मौत हो गई थी। डॉक्टरों की टीम शनिवार को भोपाल पहुंची।
उसके परिवार द्वारा उठाई गई चिंताओं में त्विषा के बाएं हाथ और अग्रभाग पर कथित कुंद वस्तु से लगी चोटें, चोटों की गहराई और समय का आकलन करने के लिए विस्तृत विच्छेदन (डिसेक्शन) नहीं किया जाना तथा गर्दन और सर्वाइकल संरचनाओं की रेडियोलॉजिकल जांच नहीं किया जाना शामिल है।
पत्र में कथित फंदे में इस्तेमाल सामग्री और गर्दन पर दर्ज चोटों के बीच संबंध स्थापित करने की भी मांग की गई है।
परिवार ने संरक्षित विसरा नमूनों की विष विज्ञान संबंधी जांच कराने तथा चेहरे, आंखों और फेफड़ों से जुड़े निष्कर्ष फांसी, गला घोंटने, दम घुटने या मृत्यु के किसी अन्य संभावित कारण से मेल खाते हैं या नहीं, इसकी भी जांच करने का आग्रह किया।
पत्र में त्विषा की दर्ज लंबाई में कथित विसंगति का भी उल्लेख किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी लंबाई 166 सेंटीमीटर बताई गई है, जबकि परिवार का दावा है कि उनकी वास्तविक लंबाई 172-173 सेंटीमीटर थी।
परिवार ने डीएनए जांच के लिए एकत्रित नाखूनों के नमूनों के निष्कर्षों को भी समग्र फॉरेंसिक मूल्यांकन से वैज्ञानिक रूप से जोड़ने का अनुरोध किया।
पत्र में मेडिकल बोर्ड से वीडियो रिकॉर्डिंग और सभी संबंधित साक्ष्यों के संरक्षण सहित फॉरेंसिक, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल तरीकों के साथ बहु-विषयक जांच अपनाने का आग्रह किया गया है।
याचिका में पहले पोस्टमार्टम से संबंधित मूल अभिलेखों, तस्वीरों, वीडियो रिकॉर्डिंग, नमूना संरक्षण रिकॉर्ड और फॉरेंसिक अनुरोधों की जांच की भी मांग की गई।
परिवार ने यह भी अनुरोध किया कि यदि चिकित्सकीय रूप से संभव हो तो गर्दन, हायॉइड बोन, थायरॉयड कार्टिलेज और सर्वाइकल स्पाइन का एक्स-रे तथा सीटी स्कैन कराया जाए, ताकि फॉरेंसिक महत्व की किसी चोट या फ्रैक्चर का पता लगाया जा सके।
पत्र में कहा गया, ''परिवार विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड की विशेषज्ञता, स्वतंत्रता और वैज्ञानिक निष्पक्षता का पूरा सम्मान करता है तथा उसके पेशेवर आकलन पर पूर्ण विश्वास रखता है।''
इसमें कहा गया, ''यह प्रस्तुतीकरण बोर्ड के निष्कर्षों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि उन चिंताओं को उसके संज्ञान में लाने के लिए है जिनके आधार पर उच्च न्यायालय के समक्ष स्वतंत्र दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की गई थी।''
परिवार ने कहा कि सभी फॉरेंसिक पहलुओं की व्यापक जांच की जानी चाहिए ताकि अंतिम रिपोर्ट जांच एजेंसी और अदालतों को सच्चाई तक पहुंचने तथा न्याय सुनिश्चित करने में मदद कर सके।
उन्होंने प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का अनुरोध किया ताकि त्विषा का अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक किया जा सके।
33 वर्षीय त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने उनके वकील पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) तथा दहेज निषेध अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गिरीबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष हैं।
सिंह परिवार का दावा है कि त्विषा को मादक पदार्थों की लत थी।
समर्थ सिंह को 10 दिन तक फरार रहने के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
भाषा दिमो
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