मैंने इस सत्र में कई साहसी फैसले लिए हैं: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग
आनन्द
- 24 May 2026, 09:22 PM
- Updated: 09:22 PM
मुंबई, 24 मई (भाषा) राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने रविवार को यहां मुंबई इंडियंस पर 30 रन की जीत के बाद कहा कि मैदान पर फैसले लेते समय वह अपनी स्वाभाविक समझ पर भरोसा करते हैं और इस सत्र में आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने का श्रेय अपने कई 'साहसी' फैसलों को दिया।
राजस्थान रॉयल्स ने आठ विकेट पर 205 रन का स्कोर खड़ा किया और फिर मुंबई इंडियंस को नौ विकेट पर 175 रन पर रोककर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। इस प्रक्रिया में उन्होंने पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
मैच के बाद के पुरस्कार समारोह में पराग ने कहा, ''मैंने इस सत्र में कई साहसी फैसले लिए हैं। मुझे इसी तरह कप्तानी करना पसंद है। मुझे लगा कि सिर्फ जोफ्रा आर्चर ही हार्दिक को आउट कर सकते हैं, और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। मैदान पर तुरंत फैसले लेते समय मैं आंकड़ों के बजाय हमेशा अपनी स्वाभाविक समझ पर भरोसा करता हूं। ''
पराग की रणनीतिक चालें कामयाब रहीं। आर्चर को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया, जहां उन्होंने 15 गेंदों में 32 रन बनाए। बाद में गेंदबाजी करते हुए आर्चर 17 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या के विकेट भी शामिल थे।
पराग ने कहा, ''जब चीजें योजना के मुताबिक होती हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। हम जीत गए हैं, लेकिन अभी भी कई ऐसी चीजें हैं जिनमें हमें सुधार करने की जरूरत है। ''
उन्होंने कहा, ''मैं चाहता था कि जो बल्लेबाज क्रीज पर जम चुका है, वह ज्यादा देर तक खेले। हमें रनों की जरूरत थी। हम ऐसा नहीं कर सकते कि दो बल्लेबाज एक-एक रन बनाकर खेलें। इसलिए हमने जडेजा को भेजा। हम उनसे 20 रन की तेज पारी चाहते थे, और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। ''
असम के इस क्रिकेटर ने कहा कि वह अभी शत प्रतिशत फ़िट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने प्लेऑफ में खेलने का पूरा भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, '' मैं यकीनन फिट नहीं था। मुझे आज या अगले मैच में नहीं खेलना था। लेकिन मैं अगला मैच जरूर खेलूंगा। जोफ्रा चट्टान की तरह मजबूत हैं। जड्डू भी बहुत मजबूत हैं। वह एक योद्धा हैं। हमें तो काफी पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालिफ़ाई कर लेना चाहिए था। अब हम अपनी कमियों को दूर कर रहे हैं। ''
राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा ने दबाव भरे पलों में संयम बनाए रखने के लिए गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''पिछले टाइम-आउट के दौरान, हमारी बातचीत का मुख्य मुद्दा यही था कि हम अपनी योजनाओं पर टिके रहें और अपना संयम नहीं खोएं। सभी गेंदबाजों ने शानदार काम किया। ''
संगकारा ने आर्चर को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने के फैसले के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ''यह हमेशा एक तरह का अंदाजा ही होता है। जब यह काम कर जाता है तो बहुत अच्छा लगता है। हम जानते हैं कि जोफ्रा बल्ले से क्या कर सकते हैं। हम चाहते थे कि वह मैदान पर जाएं और थोड़ा जोखिम लें। वह हर मैच में ऐसे ही रहे हैं। टीम के लिए पूरी तरह से समर्पित, सबकी मदद करते हैं। शुरुआत से ही वह टीम की अगुवाई कर रहे हैं। ''
संगकारा ने युवा स्पिनर यश राज पुंजा (44 रन देकर दो विकेट) की भी तारीफ की, जिन्होंने अनुभवी बल्लेबाजों के सामने शांत रहकर गेंदबाजी की।
तेज गेंदबाज आर्चर को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया, उन्होंने कहा कि अनुशासित लाइन और लेंथ पर टिके रहने और तेज गति से गेंदबाजी करने का उन्हें फायदा मिला।
उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि यह मेरा अब तक का सबसे अच्छा सत्र है। जब भी मैं गेंद हाथ में लेता हूं, तो मेरा मकसद सही जगहों पर गेंद डालना होता है। हर बार इसका इनाम नहीं मिलता, लेकिन खुशी है कि आज एक अहम दिन पर मुझे इसका फल मिला। ''
वहीं मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या को लगा कि उनकी टीम ने विपक्षी टीम को 10-15 रन ज्यादा बनाने का मौका दे दिया।
उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि हमने 10-15 रन ज्यादा दे दिए। यह लक्ष्य हासिल करने लायक था, बस पावरप्ले में हमने बहुत सारे विकेट गंवा दिए।''
उन्होंने कहा, ''"जब मैं बल्लेबाजी करने गया, तो लगा कि गेंद बल्ले पर अच्छे से आ रही है। दोनों पारियों में पिच का मिजाज एक जैसा ही था। बस अपना संतुलन बनाए रखना था और अच्छे क्रिकेट शॉट्स खेलने थे। ''
भाषा नमिता आनन्द
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