व्यापक सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए "चतुर्भुज सुरक्षा तंत्र" आवश्यक: शाह
शोभना
- 26 May 2026, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
बीकानेर, 26 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना, सीमा क्षेत्र के नागरिक और स्थानीय प्रशासन से मिलकर बना एक 'चतुर्भुज सुरक्षा तंत्र' व्यापक सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा का यह 'चतुर्भुज सुरक्षा तंत्र' यह दर्शाता है कि सीमा सुरक्षा कोई अलग-थलग जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक क्षेत्रीय दायित्व है।
राजस्थान के बीकानेर जिले के सांचू स्थित बीएसएफ चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जब तक सभी चार हितधारक समन्वय में काम नहीं करेंगे, तब तक सुरक्षित सीमा की कल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, ''जब तक हम यह चतुर्भुज ढांचा नहीं बनाएंगे, तब तक पूरी तरह सुरक्षित सीमा की कल्पना नहीं की जा सकती।''
गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार से आने वाले खतरों के साथ-साथ उन आंतरिक खतरों के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए, जिन्हें सीमा पार की ताकतों के इशारे पर देश के भीतर सक्रिय तत्व पैदा करते हैं।
शाह ने कहा, ''हमें सीमा पार से उत्पन्न हर खतरे पर नजर रखनी होगी। साथ ही हमें उन लोगों पर भी कानून के तहत कार्रवाई करनी होगी जो देश के भीतर रहकर सीमा पार से संचालित होकर आंतरिक खतरे पैदा करते हैं।''
उन्होंने कहा कि केवल ऐसा 'चतुर्भुज सुरक्षा तंत्र' ही राष्ट्रीय सुरक्षा की संपूर्ण संरचना की अवधारणा को पूरा कर सकता है।
शाह ने बताया कि उन्होंने बिहार में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ विस्तृत बैठकें की हैं और इसी तरह की संयुक्त बैठकें राजस्थान, कच्छ, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी बीएसएफ, मुख्यमंत्रियों और नागरिक अधिकारियों के साथ आयोजित की जा रही हैं।
शाह ने कहा, ''कुछ लोग इसे चार-स्तरीय व्यवस्था बताते हैं। यह कोई चार-स्तरीय व्यवस्था नहीं है। यह सभी चार हितधारकों की संयुक्त जिम्मेदारी है और इसी कारण मैं इसे चतुर्भुज सुरक्षा तंत्र कहता हूं।''
गृह मंत्री ने केंद्र की 'वाइब्रेंट विलेजेज' कार्यक्रम के तहत सीमा के गांवों के विकास के रणनीतिक महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि बीएसएफ को वहां रहने वाले समुदायों के साथ गहरा जुड़ाव सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
शाह ने सीमा क्षेत्रों के छात्रों और युवाओं तक निरंतर पहुंच बनाने का भी आह्वान किया और कहा कि बीएसएफ कर्मियों को प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और युवाओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''नई पीढ़ी को जागरूक करना होगा।''
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना में परिवर्तन आया है।
भाषा बाकोलिया शोभना
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