क्वाड की नयी पहलों में ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज व नौवहन निगरानी पर ध्यान
माधव
- 26 May 2026, 09:27 PM
- Updated: 09:27 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) ने समूह को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों को कम करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज ढांचे की घोषणा की और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी और बंदरगाह अवसंरचना को मजबूत करने के लिए मंगलवार को प्रमुख उपायों का अनावरण किया। समूह के अगले शिखर सम्मेलन के समय को लेकर हालांकि अभी स्पष्टता नहीं बन पाई है।
ऊर्जा सुरक्षा पहल को छोड़कर सभी उपायों को व्यापक रूप से चीन के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते दखल का मुकाबला करने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन क्वाड ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरे में डालने वाले "दबाव" की निंदा की।
इन नए उपायों की घोषणा नयी दिल्ली में समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद की गई। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए।
विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हम विधि के शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे परे आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और विश्वसनीय साझेदारियों की अपार क्षमता को पहचानते हैं।"
पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर मंत्रियों ने अपतटीय संसाधन विकास में हस्तक्षेप और सैन्य विमानों, तटरक्षक बल और समुद्री मिलिशिया जहाजों द्वारा किए जा रहे "खतरनाक युद्धाभ्यास" सहित "खतरनाक और जबरदस्ती वाली कार्रवाइयों" के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने मीडिया बयान में कहा कि एक स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कई आयाम और पहलू हैं। उन्होंने कहा, "हमारी आज की बैठक में इनमें से कई क्षेत्रों में हुई प्रगति का जायजा लिया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में खोज को प्रोत्साहित किया गया।"
उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में, चाहे वह आर्थिक गतिविधि हो, ऊर्जा व्यापार हो या समुद्री वाणिज्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। क्वाड की जिम्मेदारियां भी उसी अनुपात में बढ़ेंगी, और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।"
क्वाड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुविधाओं को बढ़ाने की समूह की योजनाओं के तहत फिजी के बंदरगाह अवसंरचना को आगे बढ़ाने के लिए उस देश के साथ काम करने की योजनाओं की घोषणा की।
हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा ढांचे के तहत, क्वाड ने रणनीतिक ईंधन भंडार, लक्षित नीतिगत पहलों और समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्रों के माध्यम से आपूर्ति में व्यवधानों का मुकाबला करने की योजना बनाई है।
यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के मद्देनजर ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधानों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल के लगभग पांचवें हिस्से और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का कारोबार होता है।
महत्वपूर्ण खनिज सहयोग ढांचे के हिस्से के रूप में, क्वाड ने आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक और निजी पूंजी में 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक का वादा किया, जबकि "आर्थिक दबाव" पर "गंभीर चिंता" व्यक्त की, जिसे व्यापक रूप से इस क्षेत्र में चीन के निर्यात नियंत्रण शासन के संदर्भ में देखा जाता है।
महत्वपूर्ण खनिजों को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), ड्रोन और बैटरी स्टोरेज सहित उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैश्विक स्तर पर दुर्लभ खनिजों के खनन में चीन की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है, जो इसे इन महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला में उसके महत्व को रेखांकित करता है।
संयुक्त बयान में कहा गया है, "हम आर्थिक दबाव और गैर-बाजार नीतियों और प्रथाओं के उपयोग पर अपनी गंभीर चिंताओं को दोहराते हैं, जिनमें मनमानी निर्यात प्रतिबंध, मूल्य हेरफेर और व्यवधान शामिल हैं, विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों पर जो वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।"
इसमें चीन की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा गया, "हम विविधतापूर्ण और विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के महत्व और किसी एक देश पर निर्भरता से बचने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।"
क्वाड एक नए ढांचे के तहत समुद्री निगरानी को भी बढ़ाएगा, विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में।
दिलचस्प बात यह है कि अगले क्वाड शिखर सम्मेलन की तारीख को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। समूह के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में, इसकी मेजबानी करने की बारी भारत की है।
क्वाड देशों में से एक के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
क्वाड के विदेश मंत्रियों ने एक सुर में सीमा पार आतंकवाद समेत आतंकवाद की उसके सभी रूपों में निंदा की। इसमें पहलगाम आतंकी हमले और ऑस्ट्रेलिया के बांडी बीच पर हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की गयी।
संयुक्त बयान में कहा गया, "हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवाद से निपटने के लिए निर्णायक और निरंतर अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान करते हैं, जिसमें विश्व स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों तथा उनके प्रतिनिधियों, सहयोगियों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।"
अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो ने मीडिया में जारी अपने बयान में कहा कि क्वाड बैठक में हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग पहल शुरू करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा, ''यह पहल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारे प्रत्येक देश की समुद्री निगरानी क्षमताओं का लाभ उठाएगी।''
रूबियो ने क्वाड देशों के बीच हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि क्वाड ने प्रशांत द्वीपीय देशों में बंदरगाह अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक नयी पहल शुरू करने का निर्णय लिया है।
रूबियो ने कहा, ''समुद्री सुरक्षा इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा घटनाक्रम हमें यह याद दिलाते हैं कि समुद्री सुरक्षा बाधित होने पर क्या हो सकता है। इसके अलावा, वैश्विक समुद्री व्यापार का 60 प्रतिशत हिंद-प्रशांत क्षेत्र से होकर गुजरता है।''
उन्होंने कहा कि यह केवल चारों क्वाड देशों के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के असंख्य देशों के लिए भी राष्ट्रीय हित का महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने कहा, ''दूसरी पहल यह है कि हम प्रशांत द्वीपीय देशों में बंदरगाहों की अपर्याप्त क्षमता के मद्देनजर बंदरगाह अवसंरचना से जुड़े मुद्दों पर साझेदारी करेंगे।''
रूबियो ने कहा, ''हम फिजी के साथ मिलकर उस देश की बंदरगाह अवसंरचना को आगे बढ़ाने की योजना की घोषणा कर रहे हैं। यह पहली बार होगा जब क्वाड साझेदार किसी बंदरगाह अवसंरचना परियोजना पर मिलकर काम करेंगे।''
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री वोंग ने कहा कि क्वाड होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्व देता है।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए शुल्क वसूलने की ईरान की योजना का उल्लेख करते हुए कहा, ''हम नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत को बनाए रखने के महत्व को समझते हैं और किसी भी तरह के शुल्क संबंधी प्रस्ताव का विरोध करते हैं।''
वोंग ने कहा कि क्वाड, खासतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया में ठगी केंद्रों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड प्रारंभिक रूप से हिंद महासागर में समुद्री निगरानी प्रयासों का समन्वय करेगा।
भाषा प्रशांत माधव
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