प्रयागराज : संगम में फ्लोटिंग जेटी पर गंगा आरती की शुरुआत
पारुल
- 26 May 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
प्रयागराज, 26 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप प्रदान करने की दिशा में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां संगम पर फ्लोटिंग जेटी पर गंगा आरती की शुरुआत की और गंगा पूजन के बाद गंगा आरती की।
मेलाधिकारी एवं प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने कहा, "फ्लोटिंग जेटी पर पहली बार गंगा आरती शुरू की गई है। इससे संगम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर शाम एक अविस्मरणीय दिव्य अनुभूति प्राप्त होगी। अभी तक गंगा तट पर बने मंच से गंगा आरती की जाती रही है।"
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने नगर निगम के नवनिर्मित सदन के उद्धाटन के साथ ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट की भी शुरुआत की। इस वेबसाइट पर संगम क्षेत्र में होने वाले सभी धार्मिक आयोजनों, विभिन्न स्नान तिथियों, उपलब्ध सुविधाओं और संबंधित विभागों के संपर्क नंबरों की विस्तृत जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी।
योगी ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा मां गंगा की धारा की तरह अविरल आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले माघ मेला और कुंभ जैसे आयोजन गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था और अराजकता के प्रतीक बन गए थे और लोग प्रयागराज आने से भी कतराते थे, लेकिन वर्ष 2019 में जब उनकी सरकार को कुंभ आयोजन का अवसर मिला, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से प्रयागराज कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत भव्य स्वरूप में सामने है। उन्होंने कहा कि पार्षदों के लिए आधुनिक सदन हॉल तैयार हुआ है और नगर निगम 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहा है।
योगी ने यहां अरैल में बने शिवालिक पार्क को "अपशिष्ट से संपदा" की सफल मिसाल बताते हुए कहा कि 400 टन अपशिष्ट सामग्री से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां तैयार की गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गंगा दशहरा, ज्येष्ठ मास और मंगलवार का यह संयोग विशेष पुण्य का अवसर है। जनता के आशीर्वाद और समर्थन के कारण ही सरकार रोजगार, किसान कल्याण, गरीब कल्याण और बड़ी ढांचागत परियोजनाओं को धरातल पर उतार पा रही है।"
उन्होंने कहा, "आज गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रयागराज से दिल्ली मात्र सात घंटे में पहुंचा जा सकता है। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में गंगा पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से चार-लेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है और फाफामऊ पुल का काम भी जल्द पूरा होगा।"
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज नगर निगम के शानदार तीन वर्षों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और साथ ही सफाईकर्मियों को किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी आदि मौजूद थे।
भाषा
राजेंद्र पारुल
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