मप्र: अहिल्याबाई के कार्यक्रम में भाजपा विधायक ने डकैत की तस्वीर पर किया माल्यार्पण, विवाद
जितेंद्र
- 31 May 2026, 10:41 PM
- Updated: 10:41 PM
शिवपुरी, 31 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में रविवार को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित एक सामाजिक सम्मेलन के दौरान मंच पर चंबल क्षेत्र के कुख्यात डकैत रहे रामबाबू गड़रिया की तस्वीर रखे जाने और उस पर माल्यार्पण किए जाने को लेकर विवाद हो गया।
पाल-बघेल समाज द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम के मंच पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर के साथ रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी रखी गई थी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने दोनों तस्वीरों पर माल्यार्पण किया और संबोधन में रामबाबू गड़रिया के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख किया।
विधायक ने कहा कि रामबाबू गड़रिया उनके "सुख-दुख के साथी" रहे हैं और उनके जीवन के संघर्षों को उन्होंने निकट से देखा है।
उन्होंने कहा कि समाज और परिस्थितियों ने उसे ऐसे हालात में पहुंचा दिया, जिसके कारण वह अपराध के रास्ते पर चला गया।
विधायक ने यह भी कहा कि अगर उसके (रामबाबू गड़रिया) साथ प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न नहीं हुई होतीं तो वह डकैत नहीं बनता।
लोधी ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि अपराधी या डाकू भी आखिर इंसान ही होते हैं और उनके जीवन की परिस्थितियों को भी समझने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि रामबाबू गड़रिया के जीवन से जुड़ी अनेक घटनाओं के वह प्रत्यक्ष गवाह रहे हैं और जेल व जंगल दोनों जगह उनकी उससे मुलाकात हुई थी। विधायक ने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें अपने पुराने साथी की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला है।
उन्होंने रामबाबू गड़रिया के परिवार के साथ खड़े रहने का भी उल्लेख किया और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान दिए गए इन बयानों और एक कुख्यात डकैत की तस्वीर को मंच पर स्थान दिए जाने को लेकर सामाजिक व राजनीतिक हलकों में विवाद हो गया।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसी ऐतिहासिक और प्रेरणादायी विभूति को समर्पित समारोह में एक अपराध जगत से जुड़े व्यक्ति की तस्वीर को सम्मानित किया जाना कितना उचित है।
होलकर वंश की 18वीं शताब्दी की रानी अहिल्याबाई होल्कर को उनके शासन और परोपकारी कार्यों के लिए व्यापक रूप से सम्मानित किया जाता है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र
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3105 2241 शिवपुरी