उच्च न्यायालय ने अभिनेता वरुण धवन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की
दिलीप
- 02 Jun 2026, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता वरुण धवन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके नाम, तस्वीर और अन्य पहचान संबंधी विशेषताओं के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
अदालत ने व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए उनके नाम अथवा तस्वीर के उपयोग के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार डीपफेक तस्वीरें और आपत्तिजनक सामग्री बनाने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
फिल्म अभिनेता की ओर से दायर याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि धवन ''जाने माने अभिनेता'' हैं और उन्हें अपने नाम, रूप-रंग, आवाज तथा तस्वीर को तीसरे पक्षों द्वारा अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षित रखने का अधिकार है।
अदालत ने आरोपियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यदि धवन के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने वाली कोई नयी सामग्री पाई जाती है, तो यूट्यूब और मेटा सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सूचना मिलने के 36 घंटों के भीतर उसे हटाना होगा।
अदालत ने 29 मई को पारित आदेश में कहा कि वरुण धवन के नाम और हस्ताक्षर का ट्रेडमार्क पंजीकृत है, जिसके कारण इनके विशेष उपयोग का अधिकार केवल उन्हें प्राप्त है। ऐसे में उनके नाम, छवि, रूप-रंग या व्यक्तित्व से जुड़े अन्य पहलुओं का उपयोग कर व्यावसायिक लाभ के उद्देश्य से उत्पादों की अनधिकृत बिक्री करना गैरकानूनी है।
अदालत ने यह भी कहा कि धवन को उनकी महिला सह-कलाकारों के साथ अनुचित परिस्थितियों में दिखाने वाली सामग्री बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक है। इससे उनकी वर्षों में अर्जित प्रतिष्ठा और साख को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।
अदालत ने कहा, ''वादी को अश्लील सामग्री के प्रसार और एआई से निर्मित उन तस्वीरों, वीडियो के खिलाफ संरक्षण का अधिकार है, जिनमें उसे अनुचित स्थिति में दर्शाया गया है। इस तरह की भद्दी और आपत्तिजनक सामग्री वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है और लोगों को भ्रमित कर सकती है कि उसमें दिखाई गई बातें सच हैं।''
अदालत ने मामले में प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए आगे की सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
इससे पहले, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिनेता अभिषेक बच्चन और सलमान खान, 'आर्ट ऑफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी सहित कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी निजता और प्रचार अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप
0206 2000 दिल्ली