मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक ने पुलिस से कहा, 'दिल्ली में सब चलता है'
सुभाष
- 04 Jun 2026, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को जिस होटल में भीषण आग लग गई थी, उसके मालिक ने नियमों के घोर उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर पुलिस से कहा कि ''दिल्ली में सब चलता है।''
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि पूछताछ में उसने जरा भी पश्चाताप नहीं दिखाया, यहां तक कि आग लगने के बाद बचाव अभियान के दौरान जलती हुई इमारत के पास से वह बिना रुके अपनी गाड़ी से निकल गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लवकेश बजाज पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा है।
दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में भीषण आग लगने की घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि होटल व्यवसाय से पर्याप्त मुनाफा होने के बाद, "दिल्ली में सब चलता है" की धारणा से उसे इमारत में अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलें बनाने का प्रोत्साहन मिला। यह इमारत पहले ढाई मंजिल की थी, लेकिन अवैध निर्माण के माध्यम से इसे पांच मंजिला कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि इस होटल के पास रेस्तरां का लाइसेंस नहीं था; इसे केवल चाय की दुकान के रूप में संचालित करने की अनुमति थी। इसके पास दिल्ली सरकार की 'बेड-एंड-ब्रेकफास्ट' नीति के तहत मूल रूप से केवल छह कमरों को संचालित करने की अनुमति थी, लेकिन आरोप है कि प्रतिष्ठान का विस्तार लगभग 25-26 कमरों तक कर दिया गया, जिनमें तहखाने के कुछ कमरे भी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि कमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्तरां से अतिरिक्त आय होती थी।
जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का प्रबंधन करता था। पुलिस की पांच टीमें मिश्रा की तलाश में जुटी हैं, जो फरार है।
सूत्रों ने बताया कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस इमारत को अस्थायी आवास लाइसेंस मिला था। तब इस इमारत का मालिक कोई और था।
पूछताछ के दौरान बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि इलाके में उसके कम से कम चार होटल हैं और वह उनमें बहुत कम जाता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने दावा किया कि 2022 में इमारत खरीदने के बाद उसने होटल का दैनिक प्रबंधन मिश्रा को सौंप दिया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि जब आग लगी, तो बजाज संयोगवश इमारत के पास से गुजर रहा था, लेकिन वह रुका नहीं। इसके बजाय, उसने कथित तौर पर इलाके को छोड़ दिया और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में घूमता रहा, जिसके बाद बुधवार को ही उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया गया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी रेंज) विजय कुमार ने बताया कि उसकी चार दिन की पुलिस हिरासत मिल गई है।
उन्होंने कहा, "हम उससे वहां मौजूद कर्मचारियों के बारे में पूछताछ करेंगे, क्योंकि वे सभी फरार हैं।"
कुमार ने कहा कि प्राथमिकी में दर्ज धाराएं सही हैं और घटना की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए कई धाराएं जोड़ी गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि नियमों के कई उल्लंघन पाए गए।
अधिकारी ने कहा, "परिसर के पास केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे थे। परिसर के नाम पर कोई गैस कनेक्शन नहीं लिया गया था, लेकिन चार सिलेंडर मिले।"
अब जांच का दायरा आग लगने के तात्कालिक कारण से आगे बढ़कर कथित अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं, स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड और उन कारकों की जांच तक बढ़ गया है, जिनकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
भाषा नोमान नोमान सुभाष
सुभाष
0406 2230 दिल्ली