बढ़ती लागत और वीजा चिंताओं ने फुटबॉल विश्व कप में फीका किया प्रशंसकों का उत्साह
मोना
- 05 Jun 2026, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
न्यूयॉर्क, पांच जून (एपी) दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक जल्द ही अपनी पसंदीदा टीमों को खेल के सबसे बड़े मंच, फुटबॉल विश्व कप, में खेलते देखने के लिए लंबी यात्राएं करेंगे। वे बार, फैन जोन (प्रशंसकों के लिए विशेष स्थल) और सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होकर अपनी टीमों के समर्थन में गीत गाएंगे तथा संभावित विजेता को लेकर बहस करेंगे।
इस बार हालांकि उत्साही प्रशंसकों के लिए हालात अलग हैं। उनके मुताबिक इस वर्ष का विश्व कप उनके अनुभव का सबसे कम अनुकूल टूर्नामेंट साबित हो रहा है। महंगे टिकट, अमेरिका के विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का अत्यधिक खर्च और अमेरिका में प्रवेश को लेकर चिंताओं ने कई प्रशंसकों को घर पर ही रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
लंदन के आईटी पेशेवर माइक विल्सन पिछले 20 वर्षों में चार विश्व कप देख चुके हैं। इस बार वे यूरोप में ही रहेंगे और टूर्नामेंट के कुछ मुकाबलों का आनंद पुर्तगाल के समुद्र तट से उठाएंगे।
अर्जेंटीना के डॉक्टर एमिलियानो बेसेरा आमतौर पर अपनी टीम का नॉकआउट चरण तक हर मैच देखने जाते हैं, लेकिन इस बार वे केवल शुरुआती दो मुकाबले देखने के बाद स्वदेश लौट जाएंगे।
नीदरलैंड मूल के वित्त प्रबंधक पीटर बर्गाकर 2010 विश्व कप फाइनल में अपनी टीम का समर्थन करने के लिए दक्षिण अफ्रीका तक गए थे, लेकिन इस बार उनकी अमेरिका यात्रा की कोई योजना नहीं है।
यह स्पष्ट नहीं है कि कितने प्रशंसक इस बार विश्व कप से दूरी बना रहे हैं, लेकिन इसके संकेत लगातार सामने आ रहे हैं।
विश्व कप के दौरान अपनी टीम का समर्थन करने के लिए लंबी छुट्टियां लेकर विदेश यात्रा करने वाले प्रशंसक आमतौर पर संपन्न वर्ग से आते हैं लेकिन पिछले टूर्नामेंटों में सीमित साधनों वाले प्रशंसक भी वर्षों तक बचत कर चार साल में एक बार होने वाले इस खेल के महाकुंभ में पहुंच जाते थे।
चार वर्ष पहले ग्रुप चरण के निचले श्रेणी के टिकट 69 डॉलर में उपलब्ध थे। इस बार फीफा इन्हीं टिकटों को 265 डॉलर तक में बेच रहा है।
रूस (2018) और कतर (2022) विश्व कप में मैच देखने वाले दर्शकों को मेजबान शहरों के बीच निःशुल्क परिवहन सुविधा दी गई थी। इसके विपरीत अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में फैले 16 स्टेडियमों के बीच यात्रा करना कहीं अधिक महंगा साबित हो रहा है।
पहले फीफा के आधिकारिक पुनर्विक्रय (रीसेल) मंच पर टिकट मूल कीमत से अधिक पर नहीं बेचे जा सकते थे, लेकिन इस बार संस्था ने प्रशंसकों को अपनी इच्छानुसार ऊंची कीमत पर टिकट बेचने की अनुमति दे दी है और हर लेनदेन पर 30 प्रतिशत शुल्क भी वसूल रही है। फीफा का तर्क है कि टिकटों की कीमतें अभूतपूर्व मांग को दर्शाती हैं।
तोक्यो के तोमोनोरी अकुत्सु लगातार छठी बार विश्व कप देखने की योजना बना रहे हैं। अकुत्सु ने कहा कि उन्हें अगर पहले से इसकी वास्तविक लागत का अंदाजा होता तो वे शायद इस यात्रा पर पुनर्विचार करते।
उनके मुताबिक, अमेरिका अब तक का सबसे खराब मेजबान साबित हुआ है और टूर्नामेंट आयोजकों ने ''लगभग हर पहलू में मेहमानवाजी की पूरी कमी'' दिखाई है।
उन्होंने कहा, ''मेरी सीधी धारणा यही है कि यह अमेरिका है, 'पूंजीवाद का पूर्ण रूप'।''
अर्जेंटीना के बेसेरा ने 2022 के कतर विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच हुआ मुकाबला देखने के लिए 1,100 डॉलर खर्च किए थे।
उन्होंने इस वर्ष अर्जेंटीना और अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली जॉर्डन टीम के बीच डलास में होने वाले मुकाबले का रीसेल टिकट 1,200 डॉलर में खरीदा है।
इंग्लैंड के आईटी विशेषज्ञ माइक विल्सन का कहना है कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने इस बार विश्व कप में न जाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वे इतनी बड़ी रकम खर्च करने को उचित नहीं ठहरा सके।
विल्सन ने कभी किसी विश्व कप मैच के लिए 200 डॉलर से अधिक खर्च नहीं किए थे। ऐसे में विल्सन और उनके दोस्तों ने पुर्तगाल में छुट्टियां बिताने की योजना बना ली है।
इन सबके बीच, एक वर्ग ऐसा भी है जो किसी भी कीमत पर विश्व कप देखने के लिए प्रतिबद्ध है। स्कॉटलैंड के समर्थक 28 वर्षों बाद अपनी टीम को विश्व कप में खेलते देखने के लिए उत्सुक हैं।
कैम्पबेल लुईस और उनके दोस्तों ने स्कॉटलैंड के क्वालीफाई करते ही अमेरिका में आवास बुक कर लिए थे, ताकि कीमतें बढ़ने से पहले व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
स्कॉटलैंड के हजारों समर्थकों के आने की उम्मीद के कारण उनकी टीम के मैचों के टिकट हासिल करना कठिन साबित हो रहा है।
हाल के सप्ताहों में कीमतों में कुछ गिरावट आने के बाद लुईस ने अपने और अपने 10 वर्षीय बेटे के लिए स्कॉटलैंड के दूसरे मैच के दो टिकट खरीद लिए। वह अब हैती के खिलाफ पहले मुकाबले के टिकट सस्ते होने का इंतजार कर रहे हैं।
लुईस ने कहा, ''मेरी पीढ़ी के मेरे देश के अधिकांश लोगों के लिए यह जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है। पिछली बार जब हमारी टीम विश्व कप में पहुंची थी, तब हम बच्चे थे। कीमतें चाहे कितनी भी बढ़ गई हों, हम वहां जाना चाहते हैं।''
अमेरिका की प्रवेश संबंधी शर्तें भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों की संख्या को प्रभावित कर रही हैं।
रूस ने 2018 में टिकटधारकों के लिए वीजा की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी, जबकि 2022 में कतर ने प्रशंसकों के प्रवेश की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया था। इसके उलट अमेरिका जाने वाले कई दर्शकों को अब भी कड़े वीजा नियमों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले महीने नीति में बदलाव होने से पहले कई देशों के प्रशंसकों को अमेरिका में प्रवेश के लिए 15,000 डॉलर तक की जमानत राशि जमा करनी पड़ सकती थी।
उरुग्वे के 'ट्रैवल एजेंसियों' के संघ के अध्यक्ष कार्लोस पेरा ने हाल ही में कहा कि अमेरिका के कड़े वीज़ा नियमों के कारण इस वर्ष अपेक्षाकृत कम संख्या में उरुग्वे के समर्थक विश्व कप के लिए यात्रा कर रहे हैं।
जर्मनी के 48 वर्षीय वित्त नियंत्रक पीटर बर्गाकर का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूरोपीय सहयोगियों के प्रति 'कठोर' नीति ने अमेरिका की यात्रा को लेकर उनकी धारणा बदल दी है।
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