कांग्रेस ने भाजपा पर देवेगौड़ा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने से इनकार करने का आरोप लगाया
नरेश
- 08 Jun 2026, 03:48 PM
- Updated: 03:48 PM
बेंगलुरु, आठ जून (भाषा) कर्नाटक में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने जद(एस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा को राज्य से लगातार दूसरी बार राज्यसभा भेजने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि देवेगौड़ा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने से इनकार कर भाजपा ने कर्नाटक की जनता का अपमान किया है।
रविवार देर रात भाजपा ने प्रोफेसर एम नागराज को राज्यसभा चुनाव के लिए कर्नाटक से अपना उम्मीदवार घोषित किया।
विधानसभा में अपनी मौजूदा संख्या के आधार पर पार्टी कर्नाटक की चार सीटों में से एक सीट जीत सकती है। यह चुनाव 18 जून को चुनाव होना है।
कर्नाटक से देवेगौड़ा समेत राज्यसभा के चार सदस्यों का इस महीने के अंत में कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह चुनाव कराने की जरूरत पड़ी है।
खबरों के मुताबिक, भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) को उम्मीद थी कि भाजपा उसके वरिष्ठ नेता को फिर से राज्यसभा भेजेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''कल भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा को राज्यसभा भेजने से इनकार कर दिया और पूर्व प्रधानमंत्री के बजाय एम नागराज को चुना।''
उन्होंने कहा, ''भाजपा और उसके नेतृत्व द्वारा जद(एस) का लगातार किया जा रहा अपमान और महज मंत्री बने रहने के लिए एच डी कुमारस्वामी का बार-बार इसे स्वीकार करना बेहद चौंकाने वाला है।''
कुमारस्वामी, देवेगौड़ा के पुत्र और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री हैं।
सुरजेवाला ने उल्लेख किया कि मई 2019 के आम चुनावों में भाजपा के जी.एस. बसवराजु ने तुमकुरु लोकसभा सीट पर देवेगौड़ा को हराया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसकी नेता सोनिया गांधी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा की प्रतिष्ठा का सम्मान करते हुए, उनके उच्च सदन में चुने जाने के लिए समर्थन दिया था।
उन्होंने कहा, ''दरअसल, देवेगौड़ा ने पहले भी भाजपा के प्रति अपने कड़े विरोध को दोहराया था और यहां तक कि सार्वजनिक रूप से यह भी कहा था कि अगर कुमारस्वामी भाजपा से हाथ मिलाते हैं तो वह उनका साथ छोड़ देंगे।''
इन सभी दावों के बावजूद, अक्टूबर 2023 में जद(एस) और कुमारस्वामी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया और कुमारस्वामी, मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बने।
सुरजेवाला ने कहा कि अब भाजपा ने देवेगौड़ा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने से इनकार कर दिया है और पूर्व प्रधानमंत्री के बजाय अपने नेता को चुना है।
उन्होंने कहा, ''इससे पता चलता है कि कर्नाटक में जद(एस) का एकमात्र मकसद किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है।''
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा द्वारा देवेगौड़ा को राज्यसभा सीट देने से इनकार करना न केवल उनका और क्षेत्रीय पार्टी का, बल्कि कर्नाटक की जनता का भी अपमान है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा और राजग ने कर्नाटक की जनता का अपमान किया है। संसद में विभिन्न विधेयकों को पारित कराने के लिए जद(एस) और देवेगौड़ा का समर्थन लेने के बाद उनके साथ इस तरह का विश्वासघात किये जाने की उम्मीद किसी को नहीं थी। आने वाले दिनों में जनता भाजपा को इसका सबक सिखाएगी।''
राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा और जद(एस) किसे टिकट देते हैं, इससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि यह उनकी पार्टी की नीति है। उन्होंने कहा, ''लेकिन एक बात समझनी चाहिए - दोनों पार्टियों का गठबंधन मजबूत स्थिति में नहीं है।''
कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होने जा रहा है क्योंकि भाजपा के इरन्ना कडाडी और नारायण कोरगप्पा, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे तथा जद(एस) नेता देवेगौड़ा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है।
विधानसभा में अपने संख्याबल के आधार पर कांग्रेस तीन सीटों पर जीत हासिल कर सकती है और उसने एक बार फिर मल्लिकार्जुन खरगे को उम्मीदवार बनाया है। उसने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव मंसूर अली खान और पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी उम्मीदवार बनाया है।
राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ पार्टी के 135 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 62 विधायक हैं। जद(एस) के 18 विधायक हैं।
भाषा सुभाष नरेश
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