इस समूह की कई खिलाड़ी 2032, 2036 ओलंपिक का हिस्सा बनेंगी: रानी रामपाल
मोना
- 08 Jun 2026, 03:51 PM
- Updated: 03:51 PM
(सुमन रे)
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) भारत की पूर्व कप्तान रानी रामपाल का मानना है कि एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली देश की अंडर-18 महिला टीम में भविष्य की ओलंपिक टीमों का अहम हिस्सा बनने की क्षमता है और मौजूदा टीम की कई खिलाड़ी 2032 तथा 2036 के खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
भारतीय हॉकी की दिग्गज रानी ने कोच के तौर पर अपने पहले बड़े टूर्नामेंट में जापान में अंडर-18 महिला एशिया कप में युवा टीम को पोडियम तक पहुंचाया। टीम ने अपने अभियान के दौरान आक्रामक खेल, मजबूत डिफेंस और भविष्य की बड़ी उम्मीदें दिखाईं।
टूर्नामेंट के दौरान भारत ने कुल 36 गोल किए जिसमें स्ट्राइकर नौशीन नाज पांच मैच में 12 गोल करके शीर्ष स्कोरर रहीं। गीताश्री नम्मी ने छह गोल किए जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने पांच गोल दागे।
रानी ने सोमवार को टीम के यहां पहुंचने पर पीटीआई से कहा, ''यह टूर्नामेंट लड़कियों और एक कोच के तौर पर मेरे लिए भी सीखने के लिहाज से बहुत अच्छा रहा। इस अंडर-18 टीम में कई खिलाड़ी ऐसी थीं जो सिर्फ 14 और 15 साल की थीं।''
उन्होंने कहा, ''परिपक्वता, शारीरिक क्षमता और ताकत के मामले में सब-जूनियर और सीनियर स्तर हॉकी में बहुत बड़ा फर्क होता है। मुझे यकीन है कि इस टीम की कई खिलाड़ी 2032 और 2036 के ओलंपिक में खेलेंगी। यह अनुभव उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा। वे जितनी अधिक गलतियां करेंगी उतना ही अधिक सीखेंगी।''
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया पर 2-1 की जीत के साथ की और फिर दक्षिण कोरिया को 3-1 से हराया। टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर पूल ए में शीर्ष स्थान हासिल किया।
टीम को अपनी एकमात्र हार सेमीफाइनल में मिली जहां नियमित समय में मुकाबला 2-2 से बराबरी पर खत्म होने के बाद पेनल्टी शूटआउट में उन्हें अंततः चैंपियन बने चीन के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए कांस्य पदक के मैच में दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराया। इस मैच में संदीप कुमारी, स्वीटी और नौशीन ने गोल किए।
हालांकि कप्तान स्वीटी ने माना कि कांस्य पदक जीतकर टीम को मिश्रित भावनाएं मिलीं।
स्वीटी ने कहा, ''खुशी से अधिक दुख हो रहा है। हम स्वर्ण पदक विजेता टीम थे लेकिन दुर्भाग्य से सेमीफाइनल में हार गए। यह कांस्य पदक एक सांत्वना पुरस्कार जैसा है, हालांकि मुझे खुशी है कि हम पदक लेकर आए।''
उन्होंने कहा, ''सेमीफाइनल में बढ़त बनाने के बाद हम उसे बचाने के दबाव में आ गए और आखिरकार हार गए। हमने यह सीखा कि जब बढ़त बनाएं तो हमें रक्षात्मक नहीं होना चाहिए। हमें सकारात्मक सोच के साथ खेलना चाहिए।''
स्वीटी ने टूर्नामेंट के दौरान टीम के विकास और प्रगति का श्रेय रानी को दिया।
टूर्नामेंट की शीर्ष स्कोरर नौशीन ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना और पोडियम पर जगह बनाना सपना सच होने की तरह है।
भाषा सुधीर मोना
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