अग्निशमन विभाग में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती पर विचार करें : उपराज्यपाल संधू
धीरज
- 08 Jun 2026, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को भर्ती करने के विकल्प पर विचार करने को कहा।
उन्होंने यह सुझाव मालवीय नगर इलाके में एक होटल में आग लगने की घटना के कुछ दिनों बाद आयोजित डीडीएमए की बैठक के दौरान दौरान दिया। इस अग्निकांड में 22 लोगों की मौत हो गई थी।
संधू ने सोमवार को आयोजित दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और दिल्ली सरकार के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में डीएफएस और नागरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ रिक्त पदों को भरने पर भी चर्चा हुई।
लोक निवास (उपराज्यपाल का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल ने अग्निशमन विभाग में मौजूदा रिक्त पदों को भरने और कर्मचारियों की कमी को यथाशीघ्र दूर करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को नियुक्त करने का सुझाव दिया।
संधू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अग्निशमन विभाग के कार्यबल को मजबूत करने के लिए मौजूदा रिक्तियों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती पर विचार करने का सुझाव दिया।
बैठक में गृह मंत्री सूद द्वारा दिल्ली अग्निशमन सेवा अधिनियम 2007 की धारा 32 को लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। यह धारा अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र की आवश्यकता से परे राजधानी की सभी बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा और रोकथाम के उपाय लागू करने का प्रावधान करती है।
वर्तमान में, 15 मीटर और उससे अधिक ऊंची इमारतों के लिए डीएफएस से अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
अधिकारियों ने कहा कि अवैध और असुरक्षित ढांचों तथा लाइसेंस के दुरुपयोग के खिलाफ जारी अभियान की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है, लेकिन प्रवर्तन कार्रवाई आम नागरिकों के उत्पीड़न का कारण नहीं बननी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि दिल्ली की सभी सरकारी एजेंसियां और प्राधिकरण एक टीम की तरह मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां बहाना या प्रशासनिक शक्तियों का उपयोग नहीं करने की कोई गुंजाइश नहीं है। मुख्यमंत्री के रुख का उप राज्यपाल ने भी समर्थन किया।
संधू ने कहा कि अवैध इमारतों और लाइसेंस के दुरुपयोग के खिलाफ जारी अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उप राज्यपाल ने नाराजगी जताई कि अग्निशमन सेवा ने एक भी नोटिस जारी नहीं किया था। उन्होंने अग्निशमन सेवा के प्रधान निदेशक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने व अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया।
सैद अल अजैब इलाके में हाल ही में एक इमारत गिरने से छह लोगों की मौत और मालवीय नगर में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
संधू ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कर्तव्य निष्पादन में विफलता का अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) ग्रेडिंग पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को शहर में अनधिकृत निर्माणों को रोकने के लिए नागरिकों को चल रहे अवैध निर्माणों की तस्वीरें सीधे अपने सार्वजनिक 311 ऐप और पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
भाषा
शुभम धीरज
धीरज
0806 2004 दिल्ली