पंजाब में 2022 के बाद से कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ: मान
संतोष
- 08 Jun 2026, 08:24 PM
- Updated: 08:24 PM
चंडीगढ़, आठ जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार के 2022 में सत्ता में आने के बाद से राज्य में प्रश्नपत्र लीक होने की एक भी घटना नहीं हुई जबकि देश में वर्ष 2017 से अब तक 93 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।
मान ने विभिन्न सरकारी विभागों में नवनियुक्त 355 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराईं और योग्यता के आधार पर नौकरियां दीं।
मान ने युवाओं को सशक्त बनाने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के लिए अवसर पैदा किए जा रहे हैं ताकि उन्हें पंजाब में ही रहकर आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य में पलायन का उलटा रुख शुरू हुआ है, 65,000 संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता तैयार किया गया है और 25 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) तथा 13 मौजूदा संस्थानों के उन्नयन के जरिये कौशल विकास में बड़े निवेश किए गए हैं।
मान ने उनकी सरकार द्वारा अपनाई गई भर्ती प्रक्रिया और देश के अन्य हिस्सों की स्थिति की तुलना करते हुए कहा, ''हमारी केंद्र सरकार राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) तक नहीं करा सकी। देशभर में 2017 से करीब 93 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। नीट सहित बड़ी परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश और हतोत्साहित किया है।''
उन्होंने कहा कि 2022 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद पंजाब में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि राज्य में ईमानदार सरकार काम कर रही है इसलिए मेधावी विद्यार्थियों को अवसर मिल रहे हैं।
इस साल तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक होने के संदेह से जुड़े आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था।
मान ने दावा किया कि उनकी सरकार योग्यता के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां दे चुकी है और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात के बिना की गई है।
मान ने कहा कि पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, ''जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब स्कूली शिक्षा में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था। नीति आयोग के अनुसार, पंजाब स्कूली शिक्षा में आज केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर देश का शीर्ष राज्य बन गया है। यह सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने और विश्वस्तरीय शैक्षणिक ढांचा तैयार करने में हमारे निवेश से संभव हुआ है।''
मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी विद्यालयों में अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने सामान्य और वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए 118 उत्कृष्टता विद्यालय (स्कूल ऑफ एमिनेंस) स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा, ''ये उत्कृष्टता विद्यालय ऐसे अवसर पैदा कर रहे हैं जो कई विद्यार्थियों को पहले उपलब्ध नहीं थे। निजी विद्यालयों के विद्यार्थी अब इन विद्यालयों में दाखिला ले रहे हैं। यह सरकारी शिक्षा प्रणाली में लोगों के बढ़े भरोसे का प्रमाण है।''
मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर कहा, ''हमने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए परिवर्तनकारी पहल की हैं। राज्य में 25 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण कार्य जारी है और साथ ही 13 मौजूदा आईटीआई को बेहतर अवसंरचना एवं आधुनिक सुविधाओं से उन्नत किया जा रहा है।''
भाषा
सिम्मी संतोष
संतोष
0806 2024 चंडीगढ़