प्रज्ञानानंदा की लगन और शानदार वापसी से प्रेरणा ले सकते हैं गुकेश: आनंद
सुधीर
- 09 Jun 2026, 10:59 AM
- Updated: 10:59 AM
(सुमन रे)
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने आर प्रज्ञानानंदा के खेलने के बेहद प्रतिस्पर्धी अंदाज की तारीफ की और संघर्ष कर रहे विश्व चैंपियन डी गुकेश से कहा कि वे नार्वे शतरंज चैंपियन बने इस खिलाड़ी से सीख लेकर अपनी वापसी की कहानी लिखें।
प्रज्ञानानंदा हाल ही में नार्वे शतरंज का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय शतरंज खिलाड़ी बने जबकि गुकेश टूर्नामेंट में छठे स्थान पर रहे।
आनंद ने पीटीआई से कहा, ''मुझे खुशी है कि प्रज्ञानानंदा ने शानदार अंदाज में नार्वे शतरंज जीता। पिछले चार दौर में उन्होंने जिस तरह से जोरदार वापसी की उससे मैं बहुत खुश हूं। वे बहुत ही प्रभावशाली शैली के साथ खेल रहे हैं।''
इस साल के आखिर में अपने विश्व खिताब के बचाव के लिए जावोखिर सिंदारोव से भिड़ने वाले गुकेश को सलाह देते हुए आनंद ने कहा कि वह प्रज्ञानानंदा से 'प्रेरणा' लें।
आनंद ने कहा, ''प्रज्ञानानंदा इस समय गुकेश से बेहतर खेल रहे हैं लेकिन कुछ भी बदल सकता है। मुझे लगता है कि फॉर्म में बार-बार उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। गुकेश थोड़े अटके हुए लग रहे हैं। मुझे लगता है कि वह प्रज्ञानानंदा से प्रेरणा ले सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''वह देख सकते हैं कि अगर आप कड़ी मेहनत करते रहते हैं तो किसी ना किसी मोड़ पर चीजें बदल ही जाती हैं।''
पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने कहा कि प्रज्ञानानंदा बोर्ड पर हमेशा 'मुकाबले के लिए तैयार' रहते हैं और यही रवैया उनके लिए मददगार होता है।
आनंद ने कहा, ''असल में पिछले डेढ़ साल से प्रज्ञानानंदा वैसे ही हैं। कभी-कभी वे जबरदस्त खेलते हैं और दिलचस्प खेल दिखाते हैं और वह हमेशा मुकाबले के लिए तैयार रहते हैं। हो सकता है कि नतीजे हमेशा उनके पक्ष में ना हों।''
उन्होंने कहा, ''शुरुआती छह दौर के खेल में पिछले आठ या नौ महीने की तुलना में अधिक फर्क नहीं देख सकते। लेकिन फिर शानदार वापसी हुई और उन्हें देखकर काफी अच्छा लगा क्योंकि उन्होंने बहुत दिलचस्प शतरंज खेला।''
तीन भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश, प्रज्ञानानंदा और अर्जुन एरिगेसी के बीच चल रही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बारे में आनंद ने कहा, ''हमारे पास कभी शीर्ष पर एक साथ तीन खिलाड़ी नहीं रहे हैं और वे एक-दूसरे के खेल को ऊंचे स्तर पर ले जा रहे हैं। मैंने जो हासिल किया था उससे वे कितनी दूर हैं, यह मुझे नहीं पता।''
उन्होंने कहा, ''मैंने इस बारे में सोचा नहीं है। शतरंज तेजी से बदल रहा है। खिलाड़ियों का करियर शायद अब उतने लंबे समय तक नहीं चले क्योंकि खेल बदल रहा है।''
आनंद भारतीय शतरंज की तरक्की देखकर खुश हैं क्योंकि कई ग्रैंडमास्टर शीर्ष स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
आनंद ने कहा, ''भारत निश्चित रूप से शीर्ष तीन में है। हमने अपनी ताकत काफी बढ़ाई है। देश में हमारे पास 95 ग्रैंडमास्टर हैं। हमारे पास एक विश्व चैंपियन है और शीर्ष पर कई खिलाड़ी हैं।''
उन्होंने कहा, ''भारत के लिए चीजें बेहतर हो रही हैं और अब महिलाएं भी इस मुहिम में शामिल हो रही हैं। क्या हम रूस की जगह ले रहे हैं? हम निश्चित रूप से शीर्ष तीन में से एक हैं लेकिन उनका दबदबा बिल्कुल अलग तरह का रहा है।''
भाषा सुधीर
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