जलते टैंकर से चालक दल के 24 भारतीयों को बचाने के लिए भारत ने ओमान का आभार जताया
नरेश
- 09 Jun 2026, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) ओमान के तट पर अमेरिकी नौसेना के हमले के बाद आग की चपेट में आए टैंकर पर सवार चालक दल के सभी 24 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
पलाऊ के ध्वज वाले इस जहाज को अमेरिका ने काली सूची में डालकर प्रतिबंधित किया हुआ था।
मामले से परिचित लोगों के अनुसार, एमटी मारिवेक्स नामक इस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने के चार प्रयास किए। सोमवार को मिसाइल हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि टैंकर ओमान के तट पर निष्क्रिय हो गया था।
उन्होंने कहा, ''हमें यह भी पता चला है कि घटना से पहले जहाज के नाविकों और अमेरिकी नौसेना के बीच कुछ बातचीत हुई थी।''
उन्होंने यह भी कहा, ''जहाज पर चालक दल के 24 सदस्य सवार थे, जो सभी भारतीय नागरिक थे। उन सभी को बचा लिया गया है।''
जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने चालक दल के सदस्यों को बचाने में ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय किया।
उन्होंने कहा, ''चालक दल को बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए हम ओमान सरकार के आभारी हैं। हमारा मिशन नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है।''
सूत्रों के अनुसार, इस पोत को अमेरिकी राजस्व विभाग की वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी, विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा कालीसूची में डाला गया था और परिणामस्वरूप इसपर प्रतिबंध लगा हुआ था।
यह एजेंसी ईरानी और रूसी तेल की बिक्री पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले पोतों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
सूत्रों ने बताया कि एमटी मारिवेक्स ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने के चार प्रयास किए। उन्होंने बताया कि पहले के तीन मौकों पर, अमेरिकी नौसेना की चेतावनी के बाद पोत वापस लौटने पर मजबूर हो गया था।
इस बीच, भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने कहा कि मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) ने टैंकर पर हुए ''मिसाइल हमले'' के बाद भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया।
आईसीजी ने बताया कि सोमवार अपराह्न लगभग 2:20 बजे, एमआरसीसी को पलाऊ के ध्वज वाले टैंकर पर मिसाइल हमले की सूचना मिली। उस वक्त यह जहाज ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले खड़ा था।
इसने कहा कि चालक दल के एक सदस्य के रिश्तेदार द्वारा यह जानकारी एमआरसीसी को दी गई थी।
आईसीजी ने एक बयान में कहा, ''स्थिति की गंभीरता और चालक दल की सुरक्षा के लिए तत्काल खतरे को देखते हुए, एमआरसीसी मुंबई ने तुरंत 'ओमान समुद्री खोज और बचाव केंद्र' (ओएमएससी) के साथ संपर्क स्थापित किया और उससे 'खोज मिशन समन्वयक' (एसएमसी) की जिम्मेदारी संभालने और जहाज एवं उसके चालक दल को तत्काल सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।''
तटरक्षक बल ने बताया कि ओएमएससी ने पास के एक जहाज को मोड़कर और दो बचाव हेलीकॉप्टरों को घटनास्थल पर भेजकर बचाव अभियान की शुरुआत और समन्वय किया।
आईसीजी ने कहा, ''सफल बचाव अभियान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग की प्रभावशीलता और क्षेत्र में समुद्री बचाव अधिकारियों के बीच स्थापित मजबूत समन्वय तंत्र को दर्शाता है।''
भारतीय तटरक्षक बल एमआरसीसी का संचालन करता है।
यह घटना ईरान और इजराइल के बीच नये सिरे से शुरू संघर्ष के बीच हुई।
भाषा
सुरेश नरेश
नरेश
0906 2010 दिल्ली