भाजपा की केंद्रीय टीम और मोदी सरकार में फेरबदल की अटकलें तेज
संतोष
- 09 Jun 2026, 11:31 PM
- Updated: 11:31 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
जनवरी में पदभार संभालने वाले भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम की घोषणा इस महीने होने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि सरकारी पदों पर आसीन कुछ नेताओं को पार्टी संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
भाजपा ने हाल ही में पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा और दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की है।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि एक अन्य केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
दो केंद्रीय मंत्रियों रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, जबकि उनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है।
माना जा रहा है कि बिट्टू अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करेंगे। भाजपा उनके लिए कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तय कर सकती है। उनका राज्यसभा कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है।
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं।
पंजाब चुनाव का उल्लेख करते हुए सूत्रों ने कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख मुद्दों में नशे की समस्या, धर्मांतरण और राज्य की रुकी हुई आर्थिक प्रगति शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार और मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के दौरान हत्या की घटनाओं तथा गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों के कारण बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी मजबूती से उठाएगी। पार्टी का लक्ष्य राज्य से आम आदमी पार्टी (आप) को सत्ता से हटाना है।
पंजाब विधानसभा चुनाव अगले वर्ष की शुरुआत में होने की संभावना है और भाजपा राज्य में आप को हराने के लिए पूरी तैयारी कर रही है।
पार्टी के एक सूत्र ने कहा, "हम पंजाब चुनाव धर्मांतरण, नशे और रुकी हुई आर्थिक प्रगति के मुद्दों पर लड़ेंगे।"
पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। पहले भाजपा का शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन था, लेकिन तीन कृषि कानूनों को लेकर मतभेद के बाद अकाली दल गठबंधन से अलग हो गया था। बाद में वे कृषि कानून वापस ले लिए गए थे।
भाजपा ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी पहले ही शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च में मोगा में आयोजित "बदलाव" रैली में चुनावी अभियान की शुरुआत की थी।
उस रैली में उन्होंने कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या, धर्मांतरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर मान सरकार पर तीखा हमला बोला था।
पश्चिम बंगाल में अपनी शानदार जीत के बाद भाजपा का ध्यान अब पंजाब पर केंद्रित हो गया है, जहां पार्टी ने हाल ही में जाट सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
ढिल्लों बरनाला से दो बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। वह 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें पार्टी की प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया था।
भाजपा पंजाब के मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है और उनसे राज्य में स्पष्ट बदलाव लाने के लिए एक अवसर देने की अपील कर रही है। पंजाब कभी आर्थिक विकास के मामले में अग्रणी माना जाता था।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब भाजपा अध्यक्ष पद से हटाए गए सुनील जाखड़ को भी राज्य में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी चुनाव से पहले प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार तलाश रही है और इस संबंध में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है।
नितिन नवीन के भी इस महीने के अंत में पंजाब दौरे पर आने की संभावना है, ताकि पार्टी के चुनाव अभियान को और गति दी जा सके।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष
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