दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हमले के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
संतोष
- 09 Jun 2026, 11:34 PM
- Updated: 11:34 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक जनसभा के दौरान हुए हमले से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
अदालत ने मंगलवार को आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और जांच के दौरान एकत्रित सामग्री से प्रथम दृष्टया पुष्ट होते हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत गर्ग आरोपी तहसीन रजा की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। रजा पर सह-आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई के साथ मिलकर मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
अदालत ने छह जून को जारी अपने आदेश में कहा, ''अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए आरोपी के न्यायिक प्रक्रिया से फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए यह जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है। जमानत याचिका खारिज की जाती है।''
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 20 अगस्त 2025 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री 'जन सुनवाई' कार्यक्रम का संचालन कर रही थीं।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी ने मुख्यमंत्री पर हमला किया, उनके बाल खींचे, उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनका गला घोंटने का प्रयास किया। बाद में उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
अदालत ने कहा कि जांच के दौरान मुख्य आरोपी ने साजिश में तहसीन रजा की कथित संलिप्तता का खुलासा किया और दावा किया कि उसने मुख्यमंत्री के आवास की रेकी के दौरान बनाए गए वीडियो उसे भेजे थे।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चलता है कि दोनों आरोपी लगातार संपर्क में थे तथा रजा ने सह-आरोपी को 2,000 रुपये भी भेजे थे।
यह भी आरोप है कि मुख्य आरोपी ने अपराध को अंजाम देने के लिए एक चाकू खरीदा था और घटना से एक दिन पहले वीडियो कॉल के जरिए उसे रजा को दिखाया था।
अदालत ने कहा, ''शिकायतकर्ता और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही अभी होनी बाकी है। मुकदमे की सुनवाई बिना किसी अनावश्यक देरी के आगे बढ़ रही है। आरोपी तहसीन रजा दिल्ली का निवासी नहीं है और उसका कोई स्थायी व्यवसाय भी नहीं है।''
बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज करते हुए कि आरोपियों के बीच पूर्व सहमति या साझा मंशा का कोई प्रमाण नहीं है, अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया उनके बीच कथित साजिश की ओर संकेत करती है।
अदालत ने कहा कि यह जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है और याचिका खारिज कर दी।
पिछले वर्ष दिसंबर में अदालत ने मुख्यमंत्री पर हमले के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप औपचारिक रूप से तय किया था और कहा था कि उनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
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