मप्र: नीट पेपर लीक मामले को लेकर भोपाल में एनएसयूआई का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में
खारी
- 13 Jun 2026, 10:19 PM
- Updated: 10:19 PM
भोपाल, 13 जून (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से भोपाल नगर निगम मुख्यालय 'अटल भवन' की ओर तख्तियां लेकर मार्च निकाल रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला उपाध्यक्ष अमित हथिया भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं। कांग्रेस ने एक बयान में दावा किया कि कुछ पदाधिकारियों को उनके घरों से, जबकि अन्य को पार्टी कार्यालयों से हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को भोपाल दौरे पर थे।
प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों की मेहनत व भरोसे को गहरा आघात पहुंचाया है।
पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान रवि परमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा, ''नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।''
परमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने तक एनएसयूआई का आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने पुलिस की कार्रवाई को ''अलोकतांत्रिक'' करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया, ''सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। नीट पेपर लीक प्रकरण ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।''
त्रिपाठी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार और मंत्री दोनों ही अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश का युवा इस ''अन्याय'' को स्वीकार नहीं करेगा और केंद्रीय मंत्री जहां भी जाएंगे, वहां उनके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई विद्यार्थियों व युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन अनियमितताओं के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को परीक्षा निरस्त कर दी थी। पुन:परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
भाषा दिमो खारी
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1306 2219 भोपाल