गोरखपुर में अध्यापक की खुदकुशी मामले में फरार बीएसए दिल्ली में गिरफ्तार
संतोष
- 17 Jun 2026, 09:48 PM
- Updated: 09:48 PM
गोरखपुर (उप्र), 17 जून (भाषा) कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी मामले में मुख्य आरोपी और चार महीने से फरार पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उस पर 25,000 रुपये का ईनाम घोषित था।
अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि आरोपी शालिनी श्रीवास्तव को गुलरिहा पुलिस ने निगरानी कर रही टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया और उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपी संजीव कुमार सिंह अब भी फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था और इनके खिलाफ कुर्की की कार्यवाही भी चल रही है।
बलिया की निवासी शालिनी कथित घटना के समय देवरिया में बीएसए के पद पर तैनात थी।
मृतक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी गुड़िया सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उनके पति ने एक पंखे के सहारे लगाए गए फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी और सुसाइड नोट में इसके लिए बीएसए को जिम्मेदार ठहराया था।
कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति एक जुलाई, 2016 को देवरिया के गौरी बाजार में कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर की गई थी।
वर्ष 2023 में सेवा के संबंध में कुछ आरोपों के आधार पर सिंह की नियुक्ति गलत ढंग से रद्द कर दी गई। इनके साथ दो अन्य सहायक अध्यापकों- ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी की नियुक्ति भी रद्द कर दी गई थी।
नियुक्ति रद्द किए जाने के खिलाफ सिंह और दो अन्य अध्यापकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया जहां सिंह के पक्ष में निर्णय आया।
बीएसए ने 24 मार्च, 2023 और एक अप्रैल, 2023 के आदेश के तहत फिर से तीनों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
इन आदेशों के खिलाफ तीनों ने फिर से याचिका दायर की जिसमें उच्च न्यायालय ने बीएसए का आदेश रद्द करते हुए उन्हें नए सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि बीएसए द्वारा कोई नया आदेश पारित नहीं किया गया और आवेदन लंबित रहने के दौरान बीएसए कार्यालय में कार्यरत लिपिक संजीव सिंह ने तीनों अध्यापकों से 16 लाख रुपये रिश्वत मांगी और कहा कि यदि यह रकम नहीं दी जाती है तो उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद तीनों की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
इसके परिणाम स्वरूप तीनों अध्यापकों ने रिश्वत की रकम दी। लेकिन इसके बावजूद, बीएसए द्वारा अपने लिपिक के जरिए और रिश्वत मांगी गई जिस पर कृष्ण मोहन सिंह ने और रकम देने में असमर्थता जाहिर की और दिया गया पैसा वापस मांगा।
मृतक की पत्नी ने शिकायत में कहा कि 20 फरवरी, 2026 को बीएसए और उनके लिपिक ने कृष्ण मोहन को कार्यालय बुलाया और उनका उत्पीड़न किया तथा झूठे मामले में उन्हें फंसाने की धमकी दी।
आरोप है कि बीएसए और उनके लिपिक द्वारा उत्पीड़न से आहत होकर कृष्ण मोहन ने 20 फरवरी, 2026 को देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी रवि कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस टीमों द्वारा सतत प्रयास के बाद शालिनी श्रीवास्तव को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाषा सं राजेंद्र
संतोष
संतोष
1706 2148 गोरखपुर