कॉजपा प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन भी जंतर-मंतर पर डटे रहे, नीट विवाद दीपके के निशाने पर
अविनाश
- 22 Jun 2026, 10:37 PM
- Updated: 10:37 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर लगातार तीसरे दिन सोमवार को धरना-प्रदर्शन जारी रहा तथा पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों एवं नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे।
यह धरना प्रदर्शन शनिवार दोपहर शुरू हुआ था और रातभर जारी रहा। प्रदर्शनकारी पुलिस की तैनाती के बीच मौके पर डटे रहे।
दीपके ने कहा कि सोमवार को काम का दिन होने के बावजूद विरोध स्थल पर भीड़ बनी रही। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन रात में जारी रहेगा।
उन्होंने 'एक्स' पर प्रदर्शन स्थल की तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा, ''जंतर-मंतर पर तीसरा दिन। सोमवार होने के बावजूद जंतर-मंतर भरा हुआ है। विरोध प्रदर्शन आज रात भी जारी रहेगा। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यहां से नहीं हटेंगे।''
दीपके ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मंगलवार को जंतर-मंतर पर आकर अपनी शिकायतें साझा करने को कहा।
पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों की याद में वहां मोमबत्तियां जलाई गईं। इससे पहले, दीपके ने आरोप लगाया था कि पुलिस विरोध स्थल पर मोमबत्तियां नहीं जलाने दे रही थी, लेकिन बाद में इसकी इजाज़त दे दी गई।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, दीपके ने उन विद्यार्थियों के साथ बर्ताव को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार से सवाल किये जिन्हें कुछ मिनट देर से पहुंचने के कारण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि अधिकारी विद्यार्थियों को 'सज़ा दे रहे हैं', जबकि कथित पेपर लीक मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''आप चार मिनट की देरी बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो विद्यार्थियों की मौत के बाद शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहने को हम कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?''
दीपके ने कहा कि प्रधान का इस्तीफ़ा ''बहुत ही मामूली कदम'' है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की कमी है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी के आरोपों के बाद रद्द हुई परीक्षा की दोबारा तैयारी करने के कारण विद्यार्थियों को मानसिक परेशानी हुई।
रविवार को दोबारा परीक्षा देने वाले कुछ नीट अभ्यर्थी भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए और अपने अनुभव साझा किए।
बिहार के एक छात्र ने कहा, ''मानसिक रूप से मैं बहुत अच्छा महसूस नहीं कर रहा हूं, क्योंकि हमें दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा के बाद इंसान आराम महसूस करता है, लेकिन उन्होंने पेपर लीक कर दिया और नीट परीक्षा रद्द कर दी।''
विद्यार्थियों ने मंत्री से जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की।
दीपके ने लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जंतर-मंतर पर नीट अभ्यर्थियों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी अपना अनुभव सीधे प्रधानमंत्री के साथ साझा करना चाहते हैं।
उन्होंने इस आरोप पर सवाल उठाया कि यह विरोध प्रदर्शन युवाओं को भड़काने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की चिंताओं को उठाना उकसावा नहीं माना जा सकता।
उन्होंने जवाबदेही के मुद्दों पर नेताओं की आलोचना की और कहा कि नेताओं को शिक्षा एवं विद्यार्थियों के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
इससे पहले, दीपके ने आरोप लगाया था कि पुलिस विद्यार्थियों से आधार कार्ड मांगकर उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया।
एसएफआई, आईसा, एआईएसएफ और केवाईएस समेत वामपंथी छात्र संघों और युवा संगठनों के सदस्यों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
एआईएसएफ ने अपनी 'शिक्षा के लिए शिक्षा के साथ लड़ाई' मुहिम के तहत विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर एक मुफ्त पुस्तकालय बनाया है।
विद्यार्थियों, समर्थकों और अभिभावकों ने लगभग 100 किताबें देकर यह पुस्तकालय बनाया है, जो अब प्रदर्शन वाली जगह का एक अहम हिस्सा है। प्रदर्शनकारियों को इतिहास, कानून, मानव-विज्ञान, जीवनी और नागरिक अधिकारों जैसे विषयों पर किताबें पढ़ते हुए देखा गया।
यह प्रदर्शन सुरक्षा इंतज़ामों के बीच हो रहा है। विरोध वाली जगह के आसपास पुलिस बल तैनात हैं और बैरिकेड लगाए गए हैं।
प्रश्नपत्र लीक के आरोपों और सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा की ओर से आयोजित यह दूसरा विरोध प्रदर्शन है।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश
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