उप्र : मुख्यमंत्री समेत कई प्रमुख नेताओं ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी
मनीषा
- 23 Jun 2026, 01:39 PM
- Updated: 01:39 PM
लखनऊ, 23 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव राष्ट्रवाद की लौ प्रज्वलित करता रहेगा।
योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। योगी के साथ उप्र के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया।
योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ''एक्स'' खाते पर एक पोस्ट में कहा कि ''एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे' के उद्घोषक, प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।''
उन्होंने पोस्ट में कहा कि ''भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव राष्ट्रवाद की लौ प्रज्वलित करता रहेगा।''
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उप्र इकाई के अध्यक्ष और केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ''एक्स'' पर पोस्ट में कहा कि ''प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, महान शिक्षाविद् एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। राष्ट्रहित के प्रति आपका समर्पण और भारत की एकता-अखंडता के लिए आपका संघर्ष सदैव स्मरणीय रहेगा।''
उप्र के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ''एक्स'' पर एक पोस्ट में कहा कि ''भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।''
मौर्य ने आगे कहा कि ''उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सर्वोपरि मानते हुए अपना जीवन भारत माता की सेवा के लिए समर्पित किया। एक देश में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' नहीं चलेंगे के संकल्प के साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष और राष्ट्रहित में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।''
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ''एक्स'' पर एक पोस्ट में कहा ''महान राष्ट्रवादी, शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि कोटि नमन।''
अनुच्छेद 370 (अब समाप्त हो चुका) का कड़ा विरोध करने वाले मुखर्जी का निधन 23 जून 1953 को श्रीनगर में हिरासत के दौरान हुआ था।
मुखर्जी ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया था। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 को निरस्त कर दिया गया था।
भाषा आनन्द
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