कच्ची घानी प्लांट वालों के खरीद दाम बढ़ाने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार
अजय
- 23 Jun 2026, 08:54 PM
- Updated: 08:54 PM
नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) मंडियों में कम आवक के बीच कच्ची घानी की बड़ी पेराई मिलों द्वारा सरसों का खरीद दाम बढ़ाये जाने के कारण मंगलवार को सरसों तेल-तिलहन के दाम में मजबूती आई। इसके अलावा नीचे दाम पर किसानों की ओर से बिकवाली कम रहने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम भी मजबूत रहे। गर्मी की फसल की आवक के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा मूंगफली का दाम टूटने के बीच बिनौला तेल के दाम में गिरावट रही। विदेशों में गिरावट के कारण कामकाज सुस्त रहने के बीच सोयाबीन तेल तथा कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल स्थिर बने रहे।
मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों के दाम टूटे हैं पर उसका अधिक असर यहां नहीं दिखा। किसानों की ओर से मंडियों में सरसों की आवक कमजोर बनी हुई है। ऐसे में सरसों कच्ची घानी की बड़ी पेराई मिलों ने सरसों का खरीद दाम 100 रुपये क्विंटल बढ़ाया है जो सरसों तेल-तिलहन में सुधार का महत्वपूर्ण कारण है।
उन्होंने बताया कि सोयाबीन तिलहन की भी बाजार में आवक कम है क्योंकि किसान नीचे दाम पर फसल बेचने को राजी नहीं हैं और कई वर्षों के बाद पहली बार उन्हें इस फसल के अच्छे दाम मिल चुके हैं जो सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से पर्याप्त अधिक है। इसके अलावा महाराष्ट्र में सहकारी संस्था नाफेड भी सूझ-बूझ के साथ नीचे दाम पर बेचने को तैयार नहीं दिखती। इन वजहों से सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार है। कल रात शिकॉगो एक्सचेंज के लगभग पौने दो प्रतिशत मजबूत रहने की वजह से सुस्त कामकाज के बावजूद सोयाबीन तेल स्थिर बने रहे।
इसी प्रकार, औद्योगिक मांग रहने की वजह से देश में पाम-पामोलीन के दाम भी स्थिर रहे।
सूत्रों ने कहा कि मूंगफली की गर्मी की फसल की आवक बढ़ने तथा कुछ दिन पूर्व मूंगफली के पुराने स्टॉक की सरकारी बिकवाली होने की वजह से आज मूंगफली तेल के दाम में लगभग 2.50 रुपये किलो की गिरावट देखी गई। मूंगफली तेल का थोक दाम 155 रुपये किलो से टूटकर 152.50 रुपये किलो रह गया। मूंगफली तेल के दाम टूटने का असर बिनौला पर भी आया और बिनौला तेल को भी गिरावट का सामना करना पड़ा।
विदशों में गिरावट और देश में औद्योगिक मांग रहने के बीच पाम-पामोलीन तेल और सोयाबीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को यह विशेष ध्यान रखना होगा कि वह मूंगफली की बिकवाली न करे क्योंकि इसके दाम एमएसपी से नीचे चल रहे हैं।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,600-7,625 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,525-7,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,440-2,740 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,580-2,680 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,580-2,725 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,625 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,575 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,375 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 7,110-7,160 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 6,960-7,035 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
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