जम्मू कश्मीर: शिया समुदाय ने मातम के आठवें दिन मुहर्रम जुलूस निकाला
वैभव
- 24 Jun 2026, 02:06 PM
- Updated: 02:06 PM
श्रीनगर, 24 जून (भाषा) कश्मीर में शिया समुदाय के हजारों सदस्यों ने बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मातम के आठवें दिन मुहर्रम जुलूस निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य पर्याप्त व्यवस्थाएं की थीं तथा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया।
हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में यातायात पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
यह लगातार चौथा वर्ष है जब प्रशासन ने मुहर्रम का जुलूस शहर के बीचों बीच पारंपरिक मार्ग से निकालने की अनुमति दी।
जुलूस की शुरुआत सुबह शहर के गुरु बाजार इलाके से हुई और यह निर्धारित मार्ग से होते हुए डलगेट जाने के लिए जहांगीर चौक एवं मौलाना आजाद रोड से गुजरा।
अधिकारियों ने जुलूस के लिए सीमित समय निर्धारित किया था ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। इसके मद्देनजर बुधवार तड़के ही हजारों मातमी गुरु बाजार में एकत्र हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि यातायात विभाग ने मुहर्रम जुलूस के दौरान अपनाए जाने वाले मार्गों को लेकर शहर के निवासियों के लिए एक परामर्श जारी किया था।
कई स्थानों पर स्वयंसेवक जुलूस में शामिल लोगों को पानी वितरित करते दिखाई दिए, जबकि कुछ जगहों पर गर्मी से राहत देने के लिए पानी का छिड़काव भी किया गया।
कश्मीर में आतंकवाद फैलने के बाद इस जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों को आशंका थी कि अलगाववादी बड़ी भीड़ का अपने निहित स्वार्थों के लिए दुरुपयोग कर सकते हैं।
पुलिस तथा नगर निकाय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एकता और सेवा का संदेश देने के लिए लाल चौक पर जुलूस में शामिल हुए।
पुलिस के विशेष महानिदेशक (समन्वय) एस. जे. एम. गिलानी, कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक वी. के. बिर्दी, कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग तथा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मातम मनाने वालों को पानी और जूस वितरित किया।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मातम मनाने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
बिर्दी ने कहा, "व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी शहर और आसपास के इलाकों से आने वाले मातमियों के लिए यातायात व्यवस्था सहित सभी जरूरी प्रबंध किए हैं।"
आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा से जुड़े एक सवाल के जवाब में कश्मीर के आईजीपी ने कहा कि तीन जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, "उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार हमारे सहयोगी, विभिन्न विभागों के संबंधित पक्ष और टीमें जुलूस मार्गों पर तैनात हैं। हमारा प्रयास है कि मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।"
गर्ग ने समुदाय के लोगों से जिला प्रशासन द्वारा जारी अनुमति और परामर्श का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा, "हमारी लगातार निगरानी करने वाली टीमें और त्वरित प्रतिक्रिया दल जुलूस मार्गों पर तैनात हैं।"
अमरनाथ यात्रा के बारे में संभागीय आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए यात्रा के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा, "अमरनाथ यात्रा एक नियमित वार्षिक आयोजन है और हम हर साल इसके लिए व्यवस्थाएं करते हैं। इस वर्ष भी हमने सभी इंतजाम किए हैं और उन्हें और मजबूत किया है, क्योंकि हमें उम्मीद है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक होगी।"
भाषा तान्या वैभव
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