विदेश यात्रा पर जाना मौलिक अधिकार : दिल्ली की अदालत
सुरेश
- 24 Jun 2026, 06:46 PM
- Updated: 06:46 PM
नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन की आरोपी एक महिला को बच्चों के साथ गर्मियों की छुट्टियों में थाईलैंड की यात्रा पर जाने की अनुमति देते हुए टिप्पणी की कि विदेश यात्रा करना मौलिक अधिकारों का एक अहम हिस्सा है।
अवकाशकालीन अदालत के न्यायाधीश राजेश मलिक ने रीना गोयल नामक महिला की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में गोयल आरोपी हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 'श्री राज महल ज्वैलर्स' समूह से जुड़ी कंपनी के दिल्ली के करोल बाग बाजार स्थित दुकानों को कुर्क किया है।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, ये संपत्तियां गिन्नी गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक-सह-प्रवर्तक गिन्नी देवी और रीना गोयल की थीं।
गोयल को दिसंबर 2025 में सशर्त जमानत मिली थी, जिसमें अदालत की बिना अनुमति विदेश जाने पर रोक थी, लेकिन वह 25 जून से दो जुलाई तक अपने बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों के लिए थाईलैंड जाना चाहती थीं।
अदालत ने 19 जुलाई को पारित आदेश में कहा कि उसे आरोपी के विदेश यात्रा करने के अधिकार और ऐसी अनुमति न देने के आधारों के बीच संतुलन बनाना होगा।
फैसले में कहा गया, ''इनकार करने का मुख्य और सबसे ठोस आधार यह विश्वसनीय आशंका हो सकती है कि वह कानून के शिकंजे से बचकर भाग जाएगी। ऐसी आशंका या तो सबूतों से दिखाई जा सकती है या फिर अन्य तथ्यों से निष्कर्ष निकालकर इसका पता लगाया जा सकता है।''
हालांकि, इसमें कहा गया है कि ईडी ने ऐसा कोई सबूत या तथ्य पेश नहीं किया है, जिससे यह पता चले कि वह कानून से बचकर भाग सकती है।
न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा नहीं है कि याचिकाकर्ता विदेश में बसने के लिए दूसरे देशों में निवेश कर रही है। सिर्फ़ आरोपी होने के आधार पर उन्हें विदेश यात्रा करने से नहीं रोका जा सकता।
अदालत ने कहा, ''इसके अलावा, भारत की संवैधानिक अदालतों के कई ऐसे फ़ैसले हैं, जिनसे यह माना गया है कि विदेश यात्रा करना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत मिलने वाले मौलिक अधिकारों का एक अहम हिस्सा है।''
इसके बाद, अदालत ने गोयल की याचिका को सशर्त स्वीकार कर लिया, जिसमें 10 लाख रुपये की जमानत राशि जमा कराना, सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करना, समय सीमा को नहीं बढ़ाना और यात्रा का विस्तृत विवरण देना शामिल है।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश
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