राहुल गांधी ने मानहानि मुकदमे में जताया 'खेद', भाजपा ने साधा निशाना
मनीषा
- 25 Jun 2026, 05:41 PM
- Updated: 05:41 PM
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह से जुड़े मानहानि के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष लिखित में 'खेद' जताने को लेकर उनपर बृहस्पतिवार को निशाना साधा।
सत्तारूढ़ दल ने दावा किया कि राहुल गांधी ने बार-बार बेबुनियाद आरोप लगाए और कानूनी कार्रवाई का सामना करने पर बाद में 'माफी' मांगी। राहुल ने अदालत में चौहान के बेटे के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान को लेकर 'खेद' जताया था।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ''लगातार झूठ बोलने वाले'' व्यक्ति हैं और उन्हें बिना सबूत के आरोप लगाने की आदत है।
पूनवाला ने एक वीडियो बयान में कहा,''राहुल गांधी लगातार झूठ बोलने वाले व्यक्ति हैं। उन्हें लगता है कि 'एलओपी' का अभिप्राय 'लीडर ऑफ अपोजिशन'(नेता प्रतिपक्ष) नहीं, बल्कि 'लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा' (दुष्प्रचार का नेता) है। आरोप लगाना और फिर 'हिट-एंड-रन' की तरह भाग जाना उनकी आदत है।''
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि के मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि गांधी ने स्वीकार किया था कि उन्होंने सिंह पर गलत आरोप लगाया था।
पूनावाला ने कहा, ''उन्होंने (राहुल गांधी ने) शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह पर आरोप लगाए थे। लेकिन जब मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, तो उन्होंने माफी मांगी और खेद जताया। उन्होंने माना कि पनामा पेपर्स से उन्हें जोड़ने वाले आरोप गलती से लगाए थे।''
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि गांधी ने दूसरे मामलों में भी इसी तरह का रवैया अपनाया है।
पूनवाला ने कहा, ''उन्होंने (विनायक दामोदर) सावरकर के बारे में बेबुनियाद बातें कहीं और बाद में उन्हें अदालत में माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने आरएसएस पर बेबुनियाद आरोप लगाए और फिर से उन्हें अदालत में माफी मांगनी पड़ी।''
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने राफेल लड़ाकू विमानों के लिए हुए समझौते और भारत की सशस्त्र सेनाओं के बारे में 'झूठ' फैलाया।
पूनावाला ने दावा किया, ''उन्होंने राफेल के बारे में झूठ बोला और उच्चतम न्यायालय ने उनके दावों की सच्चाई की जांच की। उन्होंने भारत की सशस्त्र सेनाओं के बारे में गलत बातें फैलाईं, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उन्हें फटकार लगाई।''
भाजपा नेता ने गांधी पर देश की संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बोलते हैं और ऐसे आरोप लगाते हैं जिन्हें वे साबित नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते-करते वह देश का ही विरोध करने लगे हैं। जॉर्ज सोरोस से सुपारी लेकर वह संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बातें करते हैं।''
पूनावाला ने आरोप लगाया, ''वह आरोप लगाओ और भाग जाओ की राजनीति के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं, लेकिन जब कानूनी कार्रवाई शुरू होती है, तो वह अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाते और उन्हें माफी मांगनी पड़ती है।''
कार्तिकेय ने भोपाल की सांसद-विधायक अदालत में गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि वर्ष 2018 में झाबुआ की एक चुनावी सभा में राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आवेदक का नाम लिया था और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
कांग्रेस नेता ने मानहानि के प्रकरण तथा सुनवाई अदालत की ओर से जारी समन के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया।
राहुल गांधी ने बुधवार को अपने वकील के जरिए दी गई अर्जी में कहा कि उनका उक्त बयान कार्तिकेय सिंह से संबंधित नहीं था।
भाषा धीरज मनीषा
मनीषा
2506 1741 दिल्ली