महाराष्ट्र: बहुविवाह पर विधायक सना मलिक की टिप्पणी से विवाद छिड़ा
सुभाष
- 25 Jun 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
मुंबई, 25 जून (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक सना मलिक की इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं कि बहुविवाह का मुद्दा केवल मुस्लिम पुरुषों तक सीमित नहीं है। कई नेताओं ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और महिलाओं के अधिकारों पर उनके इस दृष्टिकोण का विरोध किया है।
मलिक ने बृहस्पतिवार को अपने उन बयानों का बचाव किया, जो उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को 'तीन तलाक' के कारण होने वाले अत्याचारों पर मंगलवार को सदन में हुई चर्चा में भाग लेते हुए दिए थे।
उन्होंने सदन में कहा था, ''यदि कुरान में कोई बात कही गई है और उसे पाकिस्तान में लागू किया जाता है, तो हम मांग करते हैं कि उसे यहां भी लागू किया जाये।''
मलिक ने कहा कि इस मुद्दे को केवल मुसलमानों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार बहुविवाह की अनुमति है और इसे लागू करने के लिए कुछ कदम भी उठाए जा रहे थे।
मलिक ने कहा कि इस प्रथा को केवल एक समुदाय के दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। मुसलमानों पर ध्यान केंद्रित करने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ''क्या सभी प्रकार का उत्पीड़न केवल मुस्लिम महिलाओं के साथ ही होता है?'' उन्होंने कहा, "इस्लाम में बहुविवाह की अनुमति है। इसकी मुस्लिम कानून में भी अनुमति है। इसका उल्लेख कुरान में भी किया गया है।''
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी और इसका मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
मलिक की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने कहा, "एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, जिन्होंने 'तीन तलाक' (कानून) के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिया है, और दूसरी तरफ सना मलिक हैं, जो बहुविवाह पर यह विवादास्पद बयान दे रही हैं।"
उन्होंने कहा, ''ऐसी टिप्पणियां दिखाती हैं कि आप केवल वोट बैंक की राजनीति को साधने की कोशिश कर रहे हैं। मैं सना जी से अनुरोध करूंगी कि वह अपने बयान पर पुनर्विचार करें, क्योंकि यह भारत की महिलाओं का अपमान है।''
मलिक ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर देखा गया है।
उन्होंने कहा कि सदन में हुई चर्चा महिलाओं, पारिवारिक मामलों और तलाक पर केंद्रित थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने बहुविवाह से संबंधित पाकिस्तान में लागू कानूनों का उल्लेख करके चर्चा में पाकिस्तान को शामिल कर दिया था।
मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक मनीषा चौधरी ने कहा कि भारत का शासन संविधान से चलता है, न कि कुरान से। उन्होंने कहा, ''यदि कोई भारत में रहना चाहता है, तो उसे संविधान का पालन करना होगा।''
भाषा
देवेंद्र सुभाष
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