धन शोधन मामला: ईडी ने विजयन की बेटी से 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की
पारुल
- 25 Jun 2026, 11:22 PM
- Updated: 11:22 PM
कोच्चि, 25 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी से उनकी अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी 'एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' और सीएमआरएल से जुड़े धन शोधन मामले में बृहस्पतिवार को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक, वीणा सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर कोच्चित में ईडी के दफ्तर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि हालांकि, शुरू में वीणा को 29 जून को फिर से पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन बाद में तारीख बदल दी गई और वह बृहस्पतिवार को एजेंसी के सामने पेश हुईं।
सूत्रों के अनुसार, वीणा से पूछताछ सुबह 10.30 बजे शुरू हुई, जो रात 8.30 बजे के बाद खत्म हुई और इसके बाद वह ईडी कार्यालय से चली गईं।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि वीणा से कहा गया है कि पूछताछ के सिलसिले में जब भी जरूरत होगी, उन्हें फिर से पेश होना पड़ेगा।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में वीणा से 17 जून को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
जांच के सिलसिले में 19 जून को ईडी अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम में वीणा का बैंक लॉकर खंगाला था।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, वीणा के पहले के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण करने के बाद आगे पूछताछ जरूरी समझी गई।
ईडी ने हाल के हफ्तों में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की है।
एजेंसी इन आरोपों की जांच कर रही है कि सीएमआरएल ने वीणा के स्वामित्व वाली 'एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं ली गई।
ईडी के अनुसार, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था की ओर से संचालित एक अन्य कंपनी 'एम्पॉवर इंडिया कैपिटल इंवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड' ने भी एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का ऋण दिया था, जबकि कंपनी समय पर पुन:भगतान करने में कथित तौर पर विफल रही थी।
एजेंसी का आरोप है कि वीणा और कार्था के नेतृत्व वाले सीएमआरएल प्रबंधन ने इन लेन-देन के माध्यम से "अपराध की आय" अर्जित की।
गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) की ओर से अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की एक अदालत में दायर एक अभियोजन शिकायत के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक मामला दर्ज किया था। एसएफआईओ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा है।
ईडी ने हाल में कोच्चि की एक अदालत से अनुमति मिलने के बाद एसएफआईओ की ओर से जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज हासिल किए हैं।
सीएमआरएल जनवरी 2019 में आयकर विभाग के छापे के बाद केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आई थी। उस छापे में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था, जिसमें लगभग 130 करोड़ रुपये के कुछ ऐसे खर्च शामिल थे, जिनके फर्जी होने का संदेह है।
भाषा
सुमित पारुल
पारुल
2506 2322 कोच्चि