उत्तराखंड में घुसे निहंग सिख, कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की मांग की
जोहेब
- 26 Jun 2026, 12:09 AM
- Updated: 12:09 AM
देहरादून, 25 जून (भाषा) उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में कुछ दिन पहले हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए अपने साथियों की रिहाई की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को पंजाब के कुछ निहंग सिख विकासनगर-कुल्हाल सीमा से जबरन उत्तराखंड में घुस गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने सीमा पर अवरोधक लगा रखे थे, लेकिन अस्त्र-शस्त्रों से लैस निहंग अवरोधकों पर चढ़ गए और उसे हटा दिया।
पुलिस के अनुसार निहंग सिखों ने वहां खड़ी कुछ गाड़ियों पर हमला किया और उनके कांच तोड़ डाले।
एक वीडियो फुटेज में निहंग तलावार लहराते हुए भी नजर आए और काफी देर अराजकता की स्थिति बनी रही।
इसी दौरान, कुछ निहंग उत्तराखंड में दाखिल हो गए और मौके पर तैनात पुलिस बेबस नजर आई।
देहरादून के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पंकज गैरोला ने इस बात की पुष्टि की कि कुछ निहंग अवरोधकों को हटाते हुए अंदर दाखिल हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
एक निहंग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह कर्णप्रयाग की घटना में गिरफ्तार अपने साथियों की रिहाई चाहते हैं ताकि वे उन्हें अपने साथ लेकर वापस पंजाब लौट सकें।
उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग घटना में निहंगों की गलती न होने के बावजूद वे समझौता चाहते हैं और उनकी तरफ से उत्तराखंडवासियों से माफी मांगते हैं।
निहंग ने कहा, "हमारे सिंहों को बाइज्जत छोड़ा जाए। हम लड़ाई करके कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब नहीं करना चाहते। हम शांतिपूर्ण तरीके से 'सतनाम वाहेगुरु' के मंत्र का जाप करते हुए श्री हेमकुंड साहिब जाना चाहते हैं।"
उन्होंने दावा किया कि पुलिस प्रशासन से बातचीत के दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया है कि दो-चार दिन में गिरफ्तार निहंगों की जमानत करवा दी जाएगी।
निहंग ने कहा, "हमारी मांग है कि दो-चार दिन के लिए हमें हमारी यात्रा करने दीजिए और इस दौरान हमारे सिंहों की जमानत हो जाएगी, जिसके बाद वापसी में उन्हें अपने साथ पंजाब लेकर चले जाएंगे।"
एक सवाल के जवाब में निहंग ने कहा कि जब तक निहंगों की रिहाई नहीं होगी, वे यहां से वापस नहीं जाएंगे।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच मामूली विवाद के दौरान कथित तौर पर तलवार से किये गये हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे। घटना में एक निहंग सिख भी घायल हुआ था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।
इस घटना के बाद 20 जून को करीब आधा दर्जन निहंग रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे और छत की ओर जाने वाला प्रवेशद्वार भी बंद कर लिया था। उन्हें नीचे उतारने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी और पंजाब और पौंटा साहिब से आए एक सिख प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद 23 जून की शाम को उन्हें नीचे उतारा जा सका।
भाषा दीप्ति जोहेब
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