प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे, भारत निर्मित गश्ती पोत सौंपा
दिलीप
- 27 Jun 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
विक्टोरिया (सेशेल्स), 27 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुँचे, और उसके तटरक्षक बल को 'मेड इन इंडिया' त्वरित गश्ती पोत सौंपने के साथ ही द्वीपीय राष्ट्र की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए नयी दिल्ली की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सेशेल्स तटरक्षक बल को त्वरित गश्ती पोत 'लेस्पवार' सौंपना, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत तथा सेशेल्स की बढ़ती साझेदारी में एक और अहम पड़ाव है।''
उन्होंने कहा, ''यह क्षमता बढ़ाने वाली उन पहलों की कड़ी में सबसे नयी पहल है, जो सेशेल्स की सुरक्षा प्राथमिकताओं का समर्थन करने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।''
इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे और इस द्वीपीय देश के 'राष्ट्रीय दिवस' के स्वर्णजयंती समारोह में शामिल होंगे।
सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हर्मिनी और एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री को औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया।
मोदी ने सेशेल्स पहुंचने के बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सेशेल्स, हिंद महासागर में हमारा एक अहम समुद्री साझेदार और करीबी दोस्त है। मैं एक ऐसी सार्थक यात्रा की उम्मीद कर रहा हूं, जिसका मकसद हमारे दीर्घकालिक रिश्तों को और मजबूत करना और दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए सहयोग को बढ़ाना है।''
नृत्य प्रस्तुतियों के साथ मोदी स्वागत किया गया, जिनमें कच्छ का नृत्य भी शामिल था।
मोदी जब सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकले, तो वहां भारतीय मूल के अनेक लोग एकत्र थे। इनमें से कई लोगों को भारतीय झंडे लहराते हुए देखा गया, और प्रधानमंत्री ने उनमें से कई लोगों से थोड़ी बातचीत भी की।
प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ''सेशेल्स में भारतीय समुदाय ने आज शाम बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया।''
मोदी ने कहा, ''भारत के प्रति उनका गहरा लगाव और सेशेल्स की तरक्की में उनका अहम योगदान वाकई तारीफ़ के काबिल है। भारतीय समुदाय लंबे समय से हमारे दोनों देशों के बीच एक मज़बूत कड़ी की तरह काम कर रहा है, जिससे लोगों के बीच आपसी संबंध मज़बूत हुए हैं और हमारी साझा यात्रा और समृद्ध हुई है।''
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ सेशेल्स राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में विशालकाय कछुओं के संरक्षण केंद्र का दौरा किया।
उन्होंने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ पौधरोपण समारोह में भी हिस्सा लिया जो जैव-विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे ''पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग और दोस्ती का एक प्रतीकात्मक कदम'' बताया।
दिन में बाद में, मोदी और हर्मिनी ने विक्टोरिया में सेशेल्स तटरक्षक बेस पर त्वरित गश्ती पोत सौंपने के समारोह में हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी ने छह एम्बुलेंस, 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेज़र रेडियल नौकाएं भी सौंपीं, जो सेशेल्स के विकास और सुरक्षा में और योगदान देंगी।
मंत्रालय ने 'एक्स' पर कहा, ''साझेदार के तौर पर साथ। एक होकर और भी मज़बूत।''
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार 2015 में सेशेल्स की यात्रा की थी, जबकि राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस साल की शुरुआत में भारत आए थे।
मोदी ने यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान में कहा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और 'विजन महासागर' तथा 'ग्लोबल साउथ' के प्रति भारत की साझा प्रतिबद्धता का प्रमुख साझेदार है।
राष्ट्रपति हर्मिनी के निमंत्रण पर राजकीय यात्रा पर आए मोदी 'विशिष्ट अतिथि' के तौर पर राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो जहाज इन समारोहों में हिस्सा लेंगे।
मोदी ने कहा कि वह दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को और मज़बूत करने के मकसद से होने वाली द्विपक्षीय बातचीत का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
सेशेल्स दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, "हम मिलकर अपने लोगों की तरक्की के लिए काम करेंगे और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देंगे।"
दोनों पक्षों के द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और आपसी हित के क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2015 में सेशेल्स की यात्रा की थी, जबकि राष्ट्रपति हर्मिनी इसी साल भारत आए थे।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
2706 2211 विक्टोरिया