बड़ा भंगाल को प्राकृतिक खेती पंचायत घोषित किया जाएगा : मुख्यमंत्री सुक्खू
नरेश
- 28 Jun 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
धर्मशाला/शिमला, 28 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कांगड़ा जिले के दुर्गम बड़ा भंगाल क्षेत्र के निवासियों को आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र को प्राकृतिक खेती पंचायत घोषित किया जाएगा तथा इसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
शनिवार को बड़ा भंगाल पहुंचे सुक्खू ने वहां रात्रि विश्राम किया और इस क्षेत्र में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने हाल की प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का रविवार को जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं एवं शिकायतें सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राजधानी शिमला से जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवारों के निर्माण की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।
उन्होंने बड़ा भंगाल को सड़क संपर्क से शीघ्र जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकारियों को प्रस्तावित सड़क के प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।
सुक्खू ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की व्यवहार्यता पर भी चर्चा की और बड़ा भंगाल सड़क के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।
उन्होंने सड़क संपर्क स्थापित होने तक वैकल्पिक बिजली आपूर्ति का आश्वासन देते हुए ऊंचाई वाले बड़ा भंगाल और निचले बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनरेटर उपलब्ध कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजना को पुनर्जीवित करने और क्षेत्र में सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमा के लिए अलग ब्रांड पहचान विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि उसका बाजार मूल्य बढ़ाया जा सके। स्थानीय कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने लोगों से अखरोट और चेस्टनट के पौधे लगाने का आग्रह किया।
सुक्खू ने स्थानीय स्तर पर उत्पादित मांस उत्पादों के बेहतर दाम दिलाने का आश्वासन दिया और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा इस खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ उठाने की अपील की।
मोबाइल फोन नेटवर्क की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर क्षेत्र में जल्द से जल्द मोबाइल सेवाएं शुरू कराने का प्रयास करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन, विशेषकर पर्यावरण पर्यटन (ईको-टूरिज्म), को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वन भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए और बड़ा भंगाल को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रावास के निर्माण पर विचार करेगी और क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगी।
दूरदराज क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि समुदाय के भीतर ही तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि वह किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों की कठिनाइयों को समझने और उनके साथ साझा करने के उद्देश्य से यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनका उद्देश्य राजनीति होता तो वह अधिक आबादी वाले क्षेत्रों का दौरा करते।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास राज्य के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे।
बड़ा भंगाल हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम और पहुंच से दूर क्षेत्रों में से एक है।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय परंपराओं और संस्कृति की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र की पारंपरिक वेशभूषा 'चोला-डोरा' धारण की, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य भी किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए कृषि क्षेत्रों का भी दौरा किया।
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