तमिलनाडु के मंत्री के पुराने वीडियो पर मचा बवाल, विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
संतोष
- 29 Jun 2026, 02:25 PM
- Updated: 02:25 PM
चेन्नई, 29 जून (भाषा) तमिलनाडु के एक मंत्री का दो साल पुराना वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। वीडियो में मंत्री डी. शरत कुमार कथित तौर पर एक 'गोली' को कुचलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस विवाद के बाद विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को उनके इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया।
पुलिस ने द्रमुक की छात्र शाखा के सदस्यों को चेन्नई के राजारत्नम स्टेडियम के पास मंत्री डी. शरत कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई।
एक अधिकारी ने बताया कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, लेकिन उन्हें शाम तक रिहा किए जाने की संभावना है।
प्रदर्शन के दौरान द्रमुक कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन युवाओं को नशीले पदार्थों के प्रभाव से बचाने के लिए है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन क्यों रोका।
यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें शरत कुमार अपनी पत्नी और बेटी के साथ आईपीएल मैच देखते दिखाई दे रहे हैं और इसी दौरान वह एक ''गोली'' का इस्तेमाल करते हैं।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री बनाए गए शरत कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया कि वह कोई नशीला पदार्थ था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी मैच के दौरान अस्वस्थ हो गई थीं, इसलिए उन्होंने दवा की 'गोली' को पीसकर पाउडर के रूप में देने के लिए 'गोली' को कुचला था। उन्होंने कहा कि यह उनकी बेटी की दवा थी, न कि कोई नशीला पदार्थ, जैसा कि सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दावा किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह दो साल पुराना वीडियो है, जिसे अब फिर से फैलाया जा रहा है।
इस बीच डीएमडीके की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने वायरल वीडियो को लेकर मंत्री की आलोचना की और कहा कि इस तरह की विवादास्पद तस्वीरें या वीडियो बेहद निंदनीय हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा ''जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण में संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।''
यह वीडियो ऐसे दिन फिर से सामने आया जब 26 जून, यानी अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'नशामुक्त तमिलनाडु' के उद्देश्य से एक मैराथन को हरी झंडी दिखाई थी।
प्रेमलता ने कहा कि भले ही यह घटना उस समय की है जब शरत कुमार मंत्री नहीं थे, लेकिन अब मंत्री होने के नाते जनता उनके हर कदम पर नजर रख रही है और जनप्रतिनिधियों को अपने दायित्व और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
वीडियो में दिखाई दे रहे सफेद पाउडर जैसे पदार्थ को लेकर विवाद बढ़ने पर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने स्वयं को इस पूरे मामले से अलग कर लिया है।
भाषा शोभना संतोष
संतोष
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