विपक्ष के 23 दलों ने एआईआर, चुनाव संबंधी अन्य मुद्दों पर प्रधान न्यायाधीश को पत्र भेजा
दिलीप
- 30 Jun 2026, 01:25 PM
- Updated: 01:25 PM
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के 23 घटक दलों और एक निर्दलीय राज्यसभा सदस्य ने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तथा चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को एक साझा पत्र भेजा है।
'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों ने आठ जून को यहां हुई बैठक में प्रधान न्यायाधीश को पत्र भेजने का फैसला किया था। इस पत्र पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जिन्होंने आठ जून की बैठक से दूरी बनाई थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "आठ जून, 2026 को आयोजित 'इंडिया जनबंधन' की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने हिस्सा लिया था। बैठक में निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव संबंधी अन्य मुद्दों पर भारत के प्रधान न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था।"
उन्होंने कहा कि इसके बाद अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य के हस्ताक्षर वाला संयुक्त पत्र मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश को भेज दिया गया है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि विपक्षी दल 'श्योर' यानी 'सॉलिडैरिटी, यूनिटी एंड रेजीलिएंस' (एकजुटता, एकता और दृढ़ता) के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस संयुक्त पत्र पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, वाम दलों के नेताओं और निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल सहित कई अन्य नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि इस पत्र पर आम आदमी पार्टी और द्रमुक ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''इंडिया गठबंधन की ओर से प्रगतिशील कदम उठाया गया। और हां, आम आदमी पार्टी और द्रमुक ने भी प्रधान न्यायाधीश को भेजे गए संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।"
बाद में ओब्रायन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''यह पत्र 'इंडिया' गठबंधन के सभी दलों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।"
विपक्ष एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, यह पत्र इस विचार पर आधारित है कि जब सभी अन्य संस्थाएं विफल हो जाती हैं, तब भारतीय लोकतंत्र न्यायपालिका की ओर देखता है।
विपक्षी नेता ने कहा, ''यह पत्र न्यायपालिका की अंतरात्मा को संबोधित करता है। न्यायपालिका को देखना होगा कि आज देश में क्या हो रहा है। जब बाकी सब विफल हो जाए, तो हम किसकी ओर रुख करें?"
सूत्रों के अनुसार, पत्र में निर्वाचन आयोग की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है और यह बताया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया ने विभिन्न राज्यों के लोगों को किस प्रकार प्रभावित किया है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की तटस्थता और निष्पक्षता को लेकर निरंतर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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