ईरान युद्ध खत्म करने के समझौते पर बैठक के लिए अमेरिकी दूत कतर पहुंचे
माधव
- 30 Jun 2026, 10:21 PM
- Updated: 10:21 PM
दुबई, 30 जून (एपी) ईरान युद्ध खत्म करने के शुरुआती समझौते को लागू करने के बारे में मध्यस्थों के साथ वार्ता करने के लिए अमेरिका के दो दूत मंगलवार को कतर पहुंचे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, और उनके (ट्रंप के) दामाद जे. कुशनर का यह दौरा, फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलने की कोशिशों को लेकर हुई गोलाबारी के बाद हो रहा है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि देश की राजधानी दोहा में रहने के दौरान ये दूत ईरानी राजनयिकों के साथ सीधी बातचीत नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मध्यस्थ बातचीत कर रहे हैं और इसमें कोई भी उच्च-स्तरीय अधिकारी शामिल नहीं होगा।
अल-अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में संवाददाताओं से कहा, ''फिलहाल हमें ईरान के किसी बड़े अधिकारी के आने की उम्मीद नहीं है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, तकनीकी बैठकें चल रही हैं...।''
ईरान भी इस हफ्ते एक प्रतिनिधिमंडल कतर भेज रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मंगलवार को कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर बैठक करने की ईरान की कोई योजना नहीं है।
बघाई ने संवाददाताओं से कहा, ''कल दोहा में, कतर के साथ समझौता ज्ञापन के कुछ हिस्सों को लागू करने पर चर्चा होगी, जिसमें ईरान की जब्त संपत्ति को मुक्त करना भी शामिल है।''
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान एक अंतरिम समझौते पर सहमत हुए थे जिसके तहत तेहरान को अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करना होगा। इस समझौते में देश पर लगे अमेरिका-समर्थित तेल प्रतिबंधों को हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही को निर्बाध रखने की बात भी शामिल है। साथ ही, इसमें दोनों पक्षों को व्यापक समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार को कहा कि कतर ईरान की जब्त की गई 6 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति जारी करने की योजना बना रहा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने इस रकम के जारी होने की पुष्टि की और कहा कि इसका इस्तेमाल ईरानी लोगों के लिए अमेरिकी खाद्य उत्पाद खरीदने में किया जाएगा।
युद्ध शुरू होने से पहले, दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता था। ईरान के हमलों और धमकियों के कारण इस जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों और टैंकर की आवाजाही रुक गई, जिससे दुनिया भर में ईंधन का संकट पैदा हो गया।
ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्र में होने के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य को लंबे समय से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता रहा है।
पिछले हफ्ते ओमान के समुद्री इलाके में फारस की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों के लिए मार्ग खोलने की कोशिशें हो रही थीं, इसी दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए। इससे यह चिंता पैदा हो गई कि युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म करने के लिए हो रही बातचीत में बाधा आ सकती है।
ईरान ने इस जलडमरूमध्य में दो बार जहाजों पर हमले किए -- जिनमें कतर का एक टैंकर भी शामिल था -- और इसके जवाब में अमेरिका ने हवाई हमले किए। ईरान ने रविवार को बहरीन और कुवैत को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले भी किए।
एपी सुभाष माधव
माधव
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