मुख्यमंत्री को लिखा गया विजयवर्गीय का पत्र भाजपा की अंदरूनी कलह का 'सार्वजनिक प्रमाण': पटवारी
जोहेब
- 01 Jul 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
भोपाल, एक जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे गए कथित पत्र को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की विफलता व अंदरूनी कलह का 'सार्वजनिक प्रमाण' करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री को पत्र में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर सामने आकर जवाब देना चाहिए।
पटवारी ने एक बयान में कहा, "यदि प्रदेश सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल कैलाश विजयवर्गीय को स्वयं यह बताना पड़ रहा है कि उन्होंने पिछले दो वर्ष में केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना किया है, तो यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।"
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि सरकार में न समन्वय है और न ही मुख्यमंत्री का अपने मंत्रियों व प्रशासन पर प्रभाव दिखाई देता है।
विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को लिखे कथित पत्र में विकास परियोजनाओं में अपने गृह जिले इंदौर की अनदेखी का दावा करते हुए कहा है कि पिछले ढाई वर्ष में उन्हें असहयोग, उपेक्षा और विरोध ही मिला है।
उन्होंने कथित पत्र में आगाह किया कि अगर इंदौर के विकास से जुड़े विषयों का समाधान नहीं हुआ, तो शहर की जनता की आवाज सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी विवशता होगी।
पटवारी ने कहा कि मंत्री ने जो सवाल उठाए हैं, उनसे भाजपा सरकार के विकास के दावों की वास्तविकता सामने आ गई है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में जहरीले पानी से लोगों की मौत केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं थी बल्कि सरकार की संवेदनहीनता का उदाहरण भी था और ऐसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा और कहा कि वह न तो अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं और न ही सरकार की हर विफलता का ठीकरा केवल मुख्यमंत्री के सिर पर फोड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, "आप स्वयं इंदौर से जनप्रतिनिधि हैं, प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं। इंदौर की जनता के प्रति आपकी भी समान जिम्मेदारी है।"
पटवारी ने विजयवर्गीय से सवाल किया कि यदि सरकार में आपकी बात नहीं सुनी जा रही थी, तो आप पिछले दो वर्षों तक मौन क्यों रहे?
उन्होंने पूछा, "क्या आपने मंत्रिमंडल की बैठकों में इन मुद्दों को उठाया? यदि उठाया तो उसका क्या परिणाम निकला? और यदि नहीं उठाया, तो जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई?"
उन्होंने विजयवर्गीय से कहा कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी तो वह मंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व को लेकर लगातार असंतोष सामने आ रहा है और अब विजयवर्गीय का पत्र भी यह साबित करता है कि सत्तारूढ़ पार्टी में अंदरूनी कलह लगातार बढ़ रही है और सरकार के भीतर विश्वास का संकट गहरा चुका है।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव, विजयवर्गीय के पत्र में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें, इंदौर की उपेक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करें तथा जहरीले पानी से हुई मौतों समेत सभी प्रशासनिक विफलताओं की जवाबदेही तय करें।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
जोहेब
0107 2003 भोपाल