कॉजपा का प्रदर्शन: वांगचुक के स्वास्थ्य ने बढ़ाई चिंता; सागरिका, योगेंद्र ने दिया समर्थन
माधव
- 01 Jul 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहने और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के चौथे दिन तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष तथा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और अंजलि भारद्वाज ने धरना स्थल का दौरा किया और एकजुटता व्यक्त की।
भारद्वाज ने छात्रों, युवाओं और नागरिक समाज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए वांगचुक और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह "शर्मनाक" है कि परीक्षा प्रश्न पत्र लीक जैसी समस्या को खत्म करने जैसी बुनियादी मांग के लिए उन्हें भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।
भारद्वाज ने कहा कि व्यवस्था में योगदान देने के बावजूद छात्रों, युवाओं और करदाताओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने प्रश्न पत्र लीक के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2002 से 2026 के बीच बड़ी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक की 45 घटनाएं सामने आईं, लेकिन इनमें केवल दो मामलों में ही दोषियों को सजा मिली।
वांगचुक ने कहा कि वह ठीक महसूस कर रहे हैं, हालांकि थोड़ी थकान है। उन्होंने बताया कि उनकी स्वास्थ्य संबंधी कुछ जांच रिपोर्ट में चिंता पैदा करने वाले संकेत मिले हैं।
उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाले डॉ. नितिन दिघे ने बताया कि वांगचुक का रक्तचाप 110/70, हृदय गति 77 धड़कन प्रति मिनट और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर 96 प्रतिशत दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि वांगचुक का रक्त शर्कर का स्तर गिरकर 61-64 हो गया है, जबकि तीन दिनों में उनका वजन 2.4 किलोग्राम कम हो गया है।
दिघे ने कहा, "आम तौर पर यह 100 से ज़्यादा होना चाहिए। यह बहुत कम है। हमें उनकी चिंता है। उनकी सेहत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।"
वांगचुक ने कहा, ''मेरे रक्त शर्करा का स्तर 66 है जो कम है, लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि मैंने तीन दिनों से कुछ नहीं खाया है।'' उन्होंने यह भी कहा कि उनका वजन दो किलोग्राम कम हो गया है।
उन्होंने समर्थकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ''उन 20 से अधिक छात्रों, जिन्होंने अपनी जान दे दी, और पिछले साल सितंबर में लद्दाख में जान गंवाने वाले पांच युवाओं की तुलना में मेरी परेशानियां कुछ भी नहीं हैं।''
योगेंद्र यादव, जिन्होंने सभा को संबोधित भी किया, ने कहा कि शुरू में वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि यह आंदोलन जनता के नेतृत्व वाली पहल बनी रहे और ऐसा न लगे कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
हालांकि, उन्होंने राजनीतिक एकजुटता व्यक्त किये जाने का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ''जंतर-मंतर का सिकुड़ना हमारे लोकतंत्र के सिकुड़ने का सीधा उदाहरण है। देशभर में, आवाज उठाने की जगह को जान-बूझकर सीमित किया जा रहा है।"
तृणमूल सांसद घोष ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि युवा कार्यकर्ता, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर 12 दिनों से चिलचिलाती धूप में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।
इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सेहत को लेकर चिंता जताई।
अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि उनका रक्तचाप(बीपी) कम पाये जाने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पानी और नमक का सेवन बढ़ाने की सलाह दी है।
इस बीच, कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि इनेश नाम का एक छात्र, जो विरोध-प्रदर्शन स्थल पर आठ दिनों से भूख हड़ताल पर था और मंगलवार रात हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, अब ठीक हो रहा है।
दीपके ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हमारी टीम उसके संपर्क में है और स्थिति की निगरानी कर रही है।''
सरकार पर फिर से निशाना साधते हुए दीपके ने कहा कि जवाबदेही की मांग कई घटनाओं के बाद उठी है, जिनमें प्रश्न पत्र लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामले शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि देश में इससे पहले कभी ऐसी ''अहंकारी'' सरकार नहीं रही है।
इस बीच, आइसा ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ने लगी है।
एक बयान में संगठन ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय छात्र संघ के संयुक्त सचिव दानिश का रक्त शर्करा का स्तर गिरकर 61 पर आ गया है। संगठन ने दावा किया कि चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अनशन जारी रखने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
आइसा ने यह भी दावा किया कि चिकित्सकों ने आमीन और दीपक को भूख हड़ताल जारी न रखने की सलाह दी, क्योंकि आमीन का रक्तचाप बहुत अधिक था और दीपक का रक्त शर्करा का स्तर 70 था।
चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉजपा का विरोध-प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ।
भाषा सुभाष माधव
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