उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी ने गठबंधन में 'यथोचित सम्मान' मिलने की उम्मीद की
पारुल
- 02 Jul 2026, 09:38 PM
- Updated: 09:38 PM
लखनऊ, दो जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन में "यथोचित सम्मान" मिलने की उम्मीद करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी "बराबरी और सम्मान" के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में गौतम ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर दलितों और आदिवासियों से "नफरत" करने का आरोप लगाया। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दोषियों के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की।
गौतम ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सपा के साथ गठबंधन में सीटों की अपेक्षित संख्या से जुड़े सवाल पर कहा, "हम बराबरी और सम्मान के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को "यथोचित सम्मान" देने से ही जीत का माहौल बनता है।
गौतम ने कहा, "2024 के लोकसभा चुनाव में हमने ज्यादा सीट जीतीं। क्षेत्रीय दलों में अब उतनी क्षमता नहीं बची कि वे भाजपा से लड़कर उसे हरा सकें। देश में अकेले राहुल गांधी ही भाजपा से लड़ रहे हैं।"
वर्ष 2024 में सपा और कांग्रेस ने 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के तहत लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। इस दौरान सपा को राज्य की 37 लोकसभा सीट और कांग्रेस को छह सीट पर जीत मिली थी। वहीं, भाजपा 33 सीट ही जीत सकी थी।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि अगर गठबंधन के तहत कांग्रेस को "यथोचित सम्मान" नहीं दिया जाएगा, तो इससे भाजपा को "फायदा" मिलेगा।
गौतम ने कहा, "हम लोकतंत्र को कमजोर करने, लोगों के अधिकारों को कुचलने और दलितों, पिछडों एवं मुसलमानों के मकानों पर बुलडोजर चलाने वाली भाजपा को किसी भी कीमत पर हराने के लिए दृढ़-संकल्पित हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए बराबर का सम्मान जरूरी है।"
गौतम ने कहा कि उनकी पार्टी "पूरे दमखम" से उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम 20 मई को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती से मुलाकात करने गए पार्टी के कई दलित नेताओं के दल में शामिल थे। हालांकि, उनकी मायावती से मुलाकात नहीं हो सकी थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व को "बताए बगैर" किए गए इस प्रयास को लेकर खासी चर्चा हुई थी और तरह-तरह की अटकलें लगाई गई थीं।
गौतम ने भाजपा और आरएसएस पर दलितों और आदिवासियों से नफरत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाया, क्योंकि दोनों दलित और आदिवासी समुदाय से थे।
उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के दोषियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए कहा, "भाजपा का बुलडोजर गरीबों, पिछड़ों और मुस्लिमों के मकानों पर चलता है। जिन लोगों ने चंदा चुराया है, उनके मकानों को ढूंढा जाए और उन पर भी बुलडोजर चलाया जाए।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में "असली चोरों" को नहीं पकड़ा जा रहा है और लिखित शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के पदाधिकारी इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है।
गौतम ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) वही कर रहा है, जो सरकार उससे करने को कह रही है।
भाषा
सलीम पारुल पारुल
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