वेनेजुएला: भूकंप के बाद मौत के मामले बढ़ने के बीच शवों की पहचान करने के प्रयास तेज किए गए
वैभव
- 03 Jul 2026, 12:24 PM
- Updated: 12:24 PM
ला गुएरा, तीन जुलाई (एपी) वेनेजुएला के ला गुएरा में रहने वाली रोसा लोपेज ने सिसकियां भरते हुए बताया कि जब वह चिलचिलाती धूप में अपनी बेटी के साथ अपने लापता पति की तलाश कर रही थी, तब उन्हें पंक्तियों में रखे शवों के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
एक नर्स के रूप में वर्षों तक काम करने के बावजूद, चादरों और कंबलों में लिपटे दर्जनों शवों का यह दर्दनाक मंजर देखने के लिए रोसा बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। रोसा ने कहा, "हमने कई ऐसे शव देखे जिनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई थी।"
वेनेजुएला के उत्तरी तट पर स्थित ला गुएरा 24 जून को आए एक के बाद एक शक्तिशाली दो भूकंपों से सबसे अधिक प्रभावित हुआ था।
इस विनाशकारी आपदा में मारे गये लोगों की पहचान करने की कोशिशें तेज हो गई हैं ताकि बहुत देर होने से पहले परिजन अपने प्रियजनों की पहचान कर सकें।
इस आपदा में कम से कम 2,295 लोगों की मौत हुई है और शवों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अधिकारी शवों को एकत्र करने, उनकी पहचान करने और परिजनों के दावे तक सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हजारों लोग अब भी लापता हैं।
रोसा लोपेज के 25 वर्षीय दामाद जोसे एंटोनियो टोलेडो उस इमारत के मलबे के नीचे मिले, जहां वे भूकंप आने के समय सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे।
बचाव दल उनके शव को एक स्थानीय अस्पताल ले गया, लेकिन वहां जगह नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने शव को रखने से मना कर दिया।
इसके बाद शव को दूसरी जगह ले जाया गया और अंततः उसे एक खुले पार्किंग स्थल में रख दिया गया।
एक फॉरेंसिक चिकित्सक की मदद से परिवार ने कई दिनों बाद शव को शनिवार को ढूंढ़ निकाला।
शव की पहचान होने के बाद भी वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें, क्योंकि वे अंतिम संस्कार गृह द्वारा मांगे जा रहे 450 अमेरिकी डॉलर का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।
शनिवार को लगभग आधी रात के समय रोसा को सूचना मिली कि महापौर कार्यालय स्थानीय कब्रिस्तान में उन्हें मुफ्त में जगह उपलब्ध करा रहा है लेकिन वह स्थान न छूटे इसके लिए उन्हें जल्दी पहुंचना था।
एक घंटे बाद रोसा लोपेज और उनकी बेटी कब्रिस्तान की ओर जाने वाली पहाड़ी पर चढ़ते हुए वहां पहुंचीं और टोलेडो को दफना दिया।
रोसा लोपेज ने कहा, "वह (टोलेडो) एक अच्छे इंसान थे, ऐसे युवक जिन्हें लोगों की मदद करना पसंद था।"
मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका है।
फॉरेंसिक तकनीशियन जोएल मिराबाल 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आने के बाद से लगातार सात दिन से काम कर रहे हैं।
मिराबाल (45) का अनुमान है कि लगभग 60 से 70 प्रतिशत मामलों में जब वह किसी शव को लेने पहुंचते हैं, तो उसकी पहचान करने के लिए कोई रिश्तेदार या पड़ोसी मौजूद होता है।
उन्होंने बताया कि इसके बावजूद पहचान करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और कई लोग टैटू, शरीर पर मौजूद निशानों या परिचित कपड़ों के आधार पर पहचान कर रहे हैं।
मिराबाल ने मृतकों के बारे में बताया, "हादसे मे मारे गये लोग वास्तविक जीवन में जैसे दिखते थे, अब उनका स्वरूप उसका 10 प्रतिशत भी नहीं रह गया है।"
एपी जितेंद्र वैभव
वैभव
0307 1224 ला गुएरा (वेनेजुएआ)