ईडी अमेरिकी मिशनरी के खिलाफ सीबीआई से मामला दर्ज करने का अनुरोध करेगी
नरेश
- 03 Jul 2026, 08:05 PM
- Updated: 08:05 PM
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सीबीआई को पत्र लिखकर विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत जांच के लिए एक अमेरिकी ईसाई मिशनरी के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध करेगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह मामला अमेरिका स्थित ईसाई मिशनरी द्वारा भारत के कुछ नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी तरीके से करोड़ों रुपये नकद निकालने से जुड़ा है।
संघीय जांच एजेंसी ने 'द टिमोथी इनिशिएटिव' (टीटीआई) नाम की संस्था के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत अप्रैल में बेंगलुरु और मैसूरु (कर्नाटक), ग्वालपाड़ा (असम) और छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में तलाशी अभियान चलाया था।
ईडी ने यह मामला तब शुरू किया जब वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने एक संदिग्ध लेन-देन रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक द्वारा जारी विदेशी बैंक डेबिट कार्ड के जरिए भारत में विदेशी अंशदान मंगाने और इस्तेमाल करने की बात थी, जिससे तय बैंकिंग और विनियामक माध्यमों को दरकिनार किया गया।
इसके बाद एजेंसी ने छापेमारी की और इस कार्रवाई के दौरान इकट्ठा किए गए सबूत छत्तीसगढ़ और कर्नाटक की पुलिस के साथ साझा किए, जिन्होंने क्रमशः मई और जून में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कीं।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी धन शोधन कानून के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर सकती है।
जांचकर्ताओं ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि ईडी ने ऐसे दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड भी इकट्ठा किए हैं जिनसे कथित तौर पर पता चलता है कि वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों में विदेशी धन को ''व्यवस्थित'' तरीके से भेजा गया, डिजिटल सबूत नष्ट किए गए और मुखौटा कंपनियों के नेटवर्क के जरिए काम करने वाले एक विदेशी संगठन की इसमें संलिप्तता रही।
अधिकारियों ने कहा कि कानूनी प्रावधानों (जिसमें एफसीआरए भी शामिल है) के तहत उचित कार्रवाई के लिए यह जानकारी सीबीआई के साथ साझा की जाएगी।
ईडी के अनुसार, टीटीआई का पंजीकरण एफसीआरए के तहत नहीं है, जो कानूनी रूप से विदेशी अंशदान की सुविधा देता है।
संगठन से संपर्क नहीं हो सका है।
भाषा शफीक नरेश
नरेश
0307 2005 दिल्ली