बेटी को गुजारा भत्ता देने में नाकाम रहे ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ इंटरपोल से नोटिस जारी कराएं: अदालत
नेत्रपाल
- 03 Jul 2026, 08:09 PM
- Updated: 08:09 PM
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने नाबालिग बेटी को गुजारा भत्ता देने के आदेश का जानबूझकर अनुपालन नहीं करने पर सीबीआई को निर्देश दिया कि वह ब्रिटिश नागरिक पिता के खिलाफ इंटरपोल से 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करने का अनुरोध करे ताकि उसकी पेशी सुनिश्चित हो सके।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने अदालत की अवमानना के लिए आरोपी पिता को छह महीने के साधारण कारावास की सज़ा सुनाई और सजा पर अमल के लिए उसे ''तलाशने, गिरफ़्तार करने और हिरासत में लेने'' के उद्देश्य से 'रेड कॉर्नर' नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि उस व्यक्ति के व्यवहार से स्पष्ट हो गया है कि बेटी के गुजारे के लिए हर महीने 1.4 लाख रुपये देने के अदालती आदेश का अनुपालन उसने ''जानबूझकर और सोच-समझकर'' नहीं किया तथा इससे ''अदालत के अधिकार का पूरी तरह से अनादर'' प्रतीत होता है।
पीठ ने कहा कि इस अदालत की अवमानना का आरोपी प्रवासी भारतीय कार्ड धारक है और उसने भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार कर दिया तथा जानबूझकर मौजूदा कार्यवाही में पेश नहीं हुआ, ऐसे में रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया अपनाना उचित है।
उच्च न्यायालय ने आरोपी की पत्नी की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर एक जुलाई को दिए फैसले में कहा, ''तदनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रतिवादी संख्या-1 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से उचित अनुरोध करे। यह अनुरोध इंटरपोल के 'डेटा प्रोसेसिंग नियमों' के तहत, उसे तलाशने, गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने, तथा उसके ठिकाने के बारे में सीबीआई और इस अदालत को सूचित करने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।''
अक्टूबर 2023 में एक पारिवारिक अदालत ने नाबालिग बेटी के हितों और कल्याण की रक्षा के लिए अंतरिम उपाय के रूप में पिता को प्रति माह 1.4 लाख रुपये का भुगतान जारी रखने का निर्देश दिया था।
नवंबर 2023 में, उच्च न्यायालय की एक पीठ ने व्यक्ति की अपील पर, उसे तिमाही आधार पर दो समान किस्तों में भुगतान जारी रखने का निर्देश दिया। निर्देशों का पालन न करने पर, लड़की की मां ने अवमानना याचिका दाखिल की।
दोनों पक्ष 2005 में विवाह के समय भारतीय नागरिक थे।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
0307 2009 दिल्ली