चोरी का हीरों का हार पहनकर रील बनाने वाली घरेलू सहायिका जेल की सलाखों के पीछे पहुंची
राजकुमार
- 03 Jul 2026, 09:19 PM
- Updated: 09:19 PM
देहरादून, तीन जुलाई (भाषा) हीरों का हार पहनकर उसकी रील इंस्टाग्राम पर डालना देहरादून की एक घरेलू सहायिका को भारी पड़ गया तथा उसे चोरी के आरोप में एक साल बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी ।
देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि यहां आईटी पार्क की एक महिला की शिकायत पर आरोपी विमला (34) को जोहड़ी रोड से गिरफ्तार किया गया ।
कुमार के अनुसार विमला के कब्जे से एक साल पहले महिला के घर से चुराए गए दस लाख रुपये के हीरे एवं सोने के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नितिशा वत्स नामक महिला ने एक जुलाई को राजपुर थाने को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि करीब एक साल पहले उनके हीरे एवं सोने के कुछ आभूषण घर में नहीं मिल रहे थे जिस पर उन्हें लगा कि वह उन्हें कहीं रखकर भूल गयी हैं । नितिशा ने यह बात अपने परिचितों को भी बताई थी ।
तहरीर के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व नितिशा के किसी परिचित ने उन्हें बताया कि एक महिला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में हीरे के हार के साथ एक रील अपलोड की है और उसमें दिख रहा हार उनके खोऐ हुए हार से मिलता-जुलता है ।
पुलिस के मुताबिक जब नितिशा ने उस रील को चेक किया तो वह हार उनके खोए हुए हार से हूबहु मेल खा रहा था जबकि उसे पहने दिख रही महिला पूर्व में उनकी घरेलू सहायिका रह चुकी थी । उन्होंने तहरीर में विमला पर चोरी का आरोप लगाया ।
कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गयी और विमला को गिरफ्तार कर लिया गया ।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की निशानदेही पर पुलिस द्वारा घटना में चोरी किये गये हीरे एवं सोने के आभूषण भी बरामद किये गये जिनका मूल्य लगभग दस लाख रुपए है ।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में विमला ने बताया कि नितिशा की घरेलू सहायिका रहने के दौरान उसने उनके घर के एक कमरे में लॉकर में रखे महंगे आभूषण देखे थे जिससे उसके मन में लालच आ गया और एक दिन मौका देखकर उसने उन्हें चुरा लिया ।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि नितिशा उस पर बहुत भरोसा करती थीं और इस कारण उन्हें उस पर कभी शक नहीं हुआ ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन आभूषणों में से कुछ आभूषणों को उसने बेचने का भी प्रयास किया था लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो पायी ।
भाषा दीप्ति
राजकुमार
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