दिल्ली की अदालत ने अमेरिकी नागरिक की याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा
पवनेश
- 04 Jul 2026, 10:12 PM
- Updated: 10:12 PM
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने भारत और म्यांमा के जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े आतंकी साजिश के मामले में आरोपी मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को जेल में अमेरिकी आहार उपलब्ध कराने की याचिका पर शनिवार को एनआईए से जवाब मांगा।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अमेरिकी नागरिक वैन डाइक को 13 मार्च को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वे म्यांमार से मिजोरम सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और बाद में देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर पकड़े गए।
समूह पर कथित तौर पर भाड़े के लड़ाकों के रूप में काम करने का संदेह है। भारत और म्यांमा के जातीय सशस्त्र समूहों की मदद करने और उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण देने के बड़े आतंकी षड्यंत्र के लिए उनके खिलाफ जांच की जा रही है।
वैन डाइक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं रोहित डंडरियाल और रोहित गौड़ ने बताया कि उन्होंने विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में मानवीय आधार पर वैन डाइक को अमेरिकी आहार उपलब्ध कराने की अनुमति देने के लिए आवेदन दायर किया है। वैन डाइक फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
वकीलों ने कहा कि उनका मुवक्किल पिछले लगभग 50 दिन से कथित तौर पर "भूख हड़ताल" पर है और इस दौरान उसने मुख्य रूप से सोया दूध और जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन किया है।
वकीलों के अनुसार, वैन डाइक अपनी खान-पान की आदतों और जेल में आम तौर पर दिए जाने वाले मसालेदार, तैलीय भोजन का सेवन नहीं कर पाने के कारण भोजन नहीं ले पा रहे।
वकीलों ने कहा, "आवेदन में कहा गया है कि लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण उसकी शारीरिक स्थिति काफी बिगड़ गई है, जिससे वे बेहद कमजोर हो गया है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कम हो गई है।"
उन्होंने बताया कि आवेदन में यह भी कहा गया है कि अदालत में पेशी के दौरान आरोपी की बिगड़ती सेहत साफ दिखाई दी है।
वकीलों ने कहा कि वह खड़े होने में असमर्थ था, बेहद कमजोर दिख रहा था और अदालत के सामने अपनी बात रखने में उसे काफी परेशानी हो रही थी।
शुक्रवार को वैन डाइक को व्हीलचेयर पर अदालत लाया गया था। अदालत ने उसकी और पांच यूक्रेनी नागरिकों की न्यायिक हिरासत एक अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
वकीलों ने बताया कि आवेदन पर विचार करने के बाद अदालत ने एनआईए और जेल अधीक्षक को नोटिस जारी करके याचिका पर जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जुलाई की तारीख तय की।
भाषा जोहेब पवनेश
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