राजस्थान में सहकारिता क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
बाकोलिया रवि कांत
- 05 Jul 2026, 10:59 PM
- Updated: 10:59 PM
जयपुर, पांच जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा कि सहकारिता क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि और रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है तथा इसके दायरे को नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से और विस्तारित करने की आवश्यकता है।
यहां अपने आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शर्मा ने कहा कि सहकारिता से किसानों, पशुपालकों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए नए अवसर सृजित होते हैं तथा इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करने के लिए सहकारी संस्थाओं को लगातार सशक्त बना रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा निर्मित गोदामों के इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा सहकारी गतिविधियों को नए क्षेत्रों में विस्तार देने पर बल दिया।
उन्होंने 'भारत टैक्सी' जैसी सहकारी मॉडल आधारित पहलों को बढ़ावा देने और राज्यभर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के विस्तार के निर्देश भी दिए।
राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि राजस्थान सहकारिता क्षेत्र में कई नवाचारों, सुधारों और उपलब्धियों के साथ अग्रणी राज्यों में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान ने दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिसके तहत 200 गोदाम स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 120 पूरे हो चुके हैं।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण, प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण, ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणालियों के एकीकरण तथा 10 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र को मजबूत किया गया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य की पैक्स अब बहु-सेवा केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र तथा किसान उत्पादक संगठन जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
शर्मा ने कहा कि पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सहकारी बैंकों और पैक्स द्वारा 2025-26 में दिए गए फसली ऋण की वसूली दर 97.48 प्रतिशत रही है। साथ ही, खरीद प्रक्रिया में किसानों को भुगतान अवधि 15 दिनों से घटाकर चार-पांच दिन कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि राज्यव्यापी सदस्यता अभियान के तहत लगभग 8.90 लाख नए सदस्य जोड़े गए हैं, जिससे सहकारिता क्षेत्र का दायरा और बढ़ा है।
मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को नयी दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे, जहां राजस्थान का सहकारी मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत
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