'सुधार, प्रदर्शन और बदलाव' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत: प्रधानमंत्री मोदी
माधव
- 07 Jul 2026, 08:50 PM
- Updated: 08:50 PM
जकार्ता, सात जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत ''सुधार, प्रदर्शन और बदलाव'' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी आत्मनिर्भरता केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि पूरे आसियान क्षेत्र के लिए विकास की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाली शक्ति है।
जकार्ता में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को भारत का ''सच्चा मित्र'' बताया।
कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और उनके शीर्ष मंत्री भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''भारत ने एक के बाद एक कई सुधार किए हैं। हमने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और इसी वजह से आज देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हम सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं।''
मोदी ने कहा कि अगर भारत के विकास की गति और पैमाने को एक पंक्ति में व्यक्त करना हो तो वह कहेंगे, ''1.4 अरब आकांक्षाएं गति में हैं।''
उन्होंने कहा, ''भारत केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा राष्ट्र है जहां एक अरब से अधिक सपने आगे बढ़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''ऊर्जा से लेकर कनेक्टिविटी और चिप निर्माण तक, भारत को रोका नहीं जा सकता। आज का भारत केवल अपने सपनों को पूरा नहीं कर रहा, बल्कि हर मित्र देश के सपनों को पूरा करने में भी योगदान दे रहा है। भारत 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलता है।''
उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि पूरे आसियान क्षेत्र के लिए विकास को बढ़ावा देने वाली ताकत है।
मोदी ने कहा कि भारत अपने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण कर रहा है, नये जहाजों का निर्माण कर रहा है और समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नये समुद्री मार्गों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इंडोनेशिया भारत का एक पसंदीदा मित्र है।
उन्होंने कहा, ''चाहे इंडोनेशिया हो या भारत, हमारा साझा लक्ष्य विकास है। हम न तो इंतजार कर सकते हैं और न ही रुक सकते हैं।''
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के अंदर भारतीय डीएनए होने संबंधी उनकी टिप्पणी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''आपके इस बयान ने भारतीयों के दिलों को छू लिया। यह डीएनए आपसी विश्वास, साझा विरासत और साझा स्मृतियों से बना है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध साझा सभ्यतागत विरासत और दोनों देशों को जोड़ने वाले समुद्रों पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया द्वारा उन्हें सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता का एक और प्रतीक है।
मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय से अपील की कि वे अपने इंडोनेशियाई मित्रों को भारत के बारे में बताएं और उन्हें भारत यात्रा के लिए प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा, "अब सीधी उड़ानें उपलब्ध होने से भारत की यात्रा काफी आसान हो गई है। इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को वहां की युवा पीढ़ी को भी भारत के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।"
तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बुधवार को वह योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर जाएंगे।
सदियों पुराने इस मंदिर को इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। यह योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
भाषा सुभाष माधव
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